ANCIENT HISTORY NOTES
MEDIEVAL HISTORY NOTES
MODERN HISTORY NOTES
SYLLABUS

History Study Adda वेबसाइट क्या है?

History Study Adda पर TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET, UPSC, SSC सहित सभी One-Day प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इतिहास के महत्वपूर्ण MCQs और नोट्स पढ़ें। 'इतिहास रटने का नहीं, समझने का विषय है' — इसी मूल विचार के साथ, यह सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन मंच है。

यहाँ हम संपूर्ण इतिहास से संबंधित उच्च-स्तरीय MCQs, विस्तृत नोट्स और तथ्यपूर्ण आर्टिकल्स नियमित रूप से अपलोड करते हैं। जटिल ऐतिहासिक तथ्यों को सरल भाषा में समझाना ही हमारा लक्ष्य है। अपनी तैयारी को और भी मजबूत व सटीक बनाने के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

यह एक निजी एजुकेशनल (शैक्षिक) पोर्टल है जिसे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो 'इतिहास' (History) विषय के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी सफलता का परचम लहराना चाहते हैं।

History Study Adda की मुख्य विशेषताएँ

  • विषयवार विस्तृत आर्टिकल्स: प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक और विश्व इतिहास की संपूर्ण सामग्री।
  • उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): हर टॉपिक पर आधारित अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Questions) और Mock Tests।
  • परीक्षा-उपयोगी शॉर्ट नोट्स: त्वरित रिवीजन (Quick Revision) के लिए टू-द-पॉइंट (To-the-point) आर्टिकल्स।
  • सरल और स्पष्ट भाषा: कठिन से कठिन विषय को भी आसान शब्दों में समझाने का प्रयास।

History Study Adda वेबसाइट का उपयोग क्यों करना चाहिए?

इतिहास अक्सर छात्रों को एक उबाऊ या केवल तिथियों (Dates) और युद्धों को याद रखने वाला विषय लगता है। इस भ्रांति को दूर करने के लिए आपको इसका उपयोग करना चाहिए क्योंकि:

  • यहाँ रटने के बजाय समझने पर जोर दिया जाता है।
  • यह TGT/PGT/LT और UGC NET के विस्तृत सिलेबस को कवर करता है, जिससे One-Day परीक्षाएँ स्वतः ही आसान हो जाती हैं।
  • परीक्षा के बदलते पैटर्न के अनुसार नवीनतम सामग्री लगातार अपडेट होती है।

History Study Adda वेबसाइट का उपयोग हम कैसे कर सकते हैं?

  • कैटेगरी चुनें: होमपेज पर Ancient, Medieval, Modern या World History के सेक्शन में जाएँ।
  • सर्च करें: किसी विशेष विषय (जैसे- मुग़ल काल, सिंधु घाटी) के लिए सर्च बॉक्स का उपयोग करें।
  • रिवीजन और प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के बाद उसी विषय के MCQs और Mock Tests को हल करें।

प्रतियोगी परीक्षाओं में 'इतिहास' विषय का क्या महत्व है?

भारत में सिविल सेवा और शिक्षक भर्ती (Teaching Exams) जैसे क्षेत्रों में इतिहास की भूमिका निर्णायक होती है:

  • सामान्य अध्ययन (GS) का आधार: UPSC और State PCS में इतिहास से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • स्कोरिंग विषय: यदि कॉन्सेप्ट क्लियर हों, तो इतिहास में पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
  • संस्कृति और जड़ों की समझ: यह विषय हमें हमारे अतीत और समाज के विकास को समझने में मदद करता है।

हम परीक्षाओं में इतिहास में अच्छे अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

  • क्रमबद्ध अध्ययन: घटनाओं को क्रोनोलॉजी (कालक्रम) के अनुसार पढ़ें, तिथियां रटने से बचें।
  • मानक स्रोत: केवल प्रामाणिक पुस्तकों और History Study Adda जैसे सटीक प्लेटफॉर्म्स पर अध्ययन करें।
  • MCQs की प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के तुरंत बाद उससे जुड़े अधिक से अधिक बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें।
  • शॉर्ट नोट्स: एग्जाम के अंतिम दिनों के लिए खुद के की-वर्ड्स (Keywords) वाले नोट्स बनाएं।

भारत में सरकारी नौकरियाँ लोगों को क्यों पसंद हैं?

हमारे देश में सरकारी नौकरी (Government Job) को लेकर युवाओं में एक अलग ही जुनून देखने को मिलता है। इसे केवल एक रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन की स्थिरता माना जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • करियर और जॉब सिक्योरिटी: प्राइवेट सेक्टर की अनिश्चितता के उलट, सरकारी सेवा में नौकरी जाने का डर न के बराबर होता है।
  • शानदार वेतन और सुविधाएँ: आकर्षक सैलरी (7th Pay Commission) के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया (HRA) और मेडिकल जैसी बेहतरीन सुविधाएँ मिलती हैं।
  • समाज में प्रतिष्ठा: सरकारी अफसर या शिक्षक बनने पर समाज और रिश्तेदारों के बीच सम्मान और रुतबा बढ़ता है।
  • तनावमुक्त पारिवारिक जीवन: फिक्स वर्किंग आवर्स और सरकारी छुट्टियों के कारण आप अपने परिवार को क्वालिटी टाइम दे पाते हैं।

सरकारी नौकरी हम कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

सरकारी नौकरी पाना रातों-रात का चमत्कार नहीं है; इसके लिए सही दिशा, अटूट धैर्य और स्मार्ट स्टडी की जरूरत होती है:

  • अपना फोकस साफ रखें: सबसे पहले तय करें कि आपको टीचिंग फील्ड (TGT, PGT, NET) में जाना है या प्रशासनिक सेवा (UPSC, PCS) में।
  • पाठ्यक्रम (Syllabus) से चिपके रहें: ऑफिशियल सिलेबस का प्रिंटआउट लें और पिछले 5-10 सालों के प्रश्न-पत्रों (Previous Year Papers) का बारीकी से अध्ययन करें।
  • प्रामाणिक अध्ययन सामग्री: 10 अलग-अलग किताबें पढ़ने से बेहतर है कि 1 अच्छी किताब को 10 बार पढ़ें। इतिहास के लिए History Study Adda के सटीक नोट्स फॉलो करें।
  • रोज़ाना प्रैक्टिस: सिर्फ थ्योरी पढ़ने से काम नहीं चलेगा। जो टॉपिक पढ़ें, तुरंत उसके MCQs हल करें और मॉक टेस्ट देकर अपनी गलतियों को सुधारें।

History Study Adda आपकी कैसे मदद कर सकता है?

  • सिलेबस-आधारित सामग्री: TGT, PGT, UPSC, NET/JRF के लेटेस्ट सिलेबस के अनुसार कंटेंट।
  • समय की बचत: आपको कई किताबें छानने की जरूरत नहीं, सभी प्रामाणिक स्रोतों का निचोड़ मिलता है।
  • मार्गदर्शन: किस परीक्षा के लिए क्या और कितना पढ़ना है, इसका सही मार्गदर्शन।

History Study Adda पर हमें भरोसा क्यों करना चाहिए?

  • तथ्यों की प्रामाणिकता: हमारा कंटेंट मानक ऐतिहासिक पुस्तकों और प्रामाणिक स्रोतों से अत्यंत सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है।
  • छात्र-हित सर्वोपरि: हमारा उद्देश्य भ्रामक जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्र की सफलता को सुनिश्चित करना है।
  • लगातार अपडेट्स: हम पुरानी सामग्री पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार कंटेंट को अपडेट करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. History Study Adda वेबसाइट क्या है?

उत्तर: यह एक निजी शैक्षिक (Educational) पोर्टल है जो विशेष रूप से 'इतिहास' विषय की तैयारी कर रहे छात्रों (TGT, PGT, UPSC, NET आदि) के लिए बनाया गया है。

Q2. क्या यह एक सरकारी वेबसाइट है?

उत्तर: नहीं, यह एक निजी (Private) प्लेटफॉर्म है जो छात्रों को मुफ्त एवं उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है。

Q3. यह वेबसाइट किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?

उत्तर: मुख्य रूप से Teaching Exams (TGT, PGT, LT Grade, UGC NET) और Civil Services (UPSC, State PCS, SSC, Railway) के लिए यह अत्यंत लाभकारी है。

Q4. क्या यहाँ मुझे विश्व इतिहास (World History) के नोट्स मिलेंगे?

उत्तर: हाँ, प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास के साथ-साथ आपको विश्व इतिहास के भी विस्तृत नोट्स और MCQs यहाँ प्राप्त होंगे。

Q5. क्या वेबसाइट पर केवल थ्योरी (Theory) पढ़ाई जाती है?

उत्तर: नहीं, थ्योरी के साथ-साथ आपकी प्रैक्टिस के लिए उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective MCQs) और मॉक टेस्ट भी उपलब्ध हैं。

Q6. क्या वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी प्रामाणिक है?

उत्तर: बिल्कुल, यहाँ उपलब्ध कराई गई सभी अध्ययन सामग्री मानक और प्रामाणिक ऐतिहासिक पुस्तकों के गहन अध्ययन के बाद ही तैयार की जाती है。

Q7. मैं इस वेबसाइट पर किसी विशेष टॉपिक की मांग कैसे कर सकता हूँ?

उत्तर: आप 'Contact Us' पेज पर जाकर या सीधे historystudyadda@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से हमें अपने सुझाव और डिमांड भेज सकते हैं。

Q8. क्या हिस्ट्री स्टडी अड्डा का कोई यूट्यूब चैनल या सोशल मीडिया ग्रुप है?

उत्तर: हाँ, आप वेबसाइट के फुटर (सबसे नीचे) में दिए गए लिंक के माध्यम से हमारे Telegram, WhatsApp और YouTube चैनल आदि से जुड़ सकते हैं。

Q9. भारत में सरकारी नौकरी (Government Job) की इतनी मांग क्यों है?

उत्तर: जॉब सिक्योरिटी, बेहतर वेतन, भत्ते और समाज में उच्च सम्मान के कारण सरकारी नौकरी युवाओं की पहली पसंद होती है。

Q10. मैं शिक्षक या सिविल सेवा परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

उत्तर: सिलेबस के अनुसार रणनीति बनाकर पढ़ने, प्रामाणिक स्रोतों (जैसे History Study Adda) का उपयोग करने और नियमित MCQs की प्रैक्टिस करने से सफलता निश्चित है。

अस्वीकरण (Disclaimer)

'History Study Adda' पर प्रकाशित सभी अध्ययन सामग्री, नोट्स, बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और अन्य सूचनाएं केवल छात्रों की परीक्षा की तैयारी और उनके त्वरित मार्गदर्शन के लिए प्रदान की गई हैं। इन्हें कानूनी दस्तावेज़ या अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। हालाँकि हमारी टीम ने सभी तथ्यों और उत्तरों को मानक पुस्तकों के आधार पर पूरी तरह से सटीक और प्रामाणिक रखने का हर संभव प्रयास किया है, लेकिन हम अनजाने में हुई किसी भी मानवीय त्रुटि, टाइपिंग की गलती या चूक के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

प्रश्नों के उत्तर और आयोग (Commissions) के संबंध में विशेष सूचना —
इतिहास जैसे विस्तृत विषय और प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में अक्सर यह देखा जाता है कि अलग-अलग भर्ती आयोग (Commissions) कभी-कभी एक ही प्रश्न के अलग-अलग उत्तरों को सही मान लेते हैं, या विवाद की स्थिति में एक से अधिक विकल्पों को सही ठहरा देते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी प्रश्न का उत्तर एक आयोग के अनुसार कुछ और होता है, जबकि दूसरे आयोग के अनुसार कुछ और। आधिकारिक 'उत्तर कुंजी' (Official Answer Key) और हमारे द्वारा दिए गए उत्तरों में भिन्नता होने की स्थिति में 'History Study Adda' किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।

छात्रों को स्पष्ट रूप से सलाह दी जाती है कि किसी भी उत्तर या तथ्य की अंतिम पुष्टि के लिए वे संबंधित विभाग/आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, उनकी उत्तर कुंजी और मान्यता प्राप्त मानक पुस्तकों (Standard Books) का ही संदर्भ लें। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी संगठन या आयोग से संबद्ध नहीं है; यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र और निजी शैक्षिक मंच है।

​UP PGT History Syllabus in Hindi | यूपी पीजीटी इतिहास पाठ्यक्रम

उ०प्र० PGT सामान्य ज्ञान एवं इतिहास (प्रवक्ता) पाठ्यक्रम
Short Information: यह उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित PGT (प्रवक्ता) पद के लिए अनिवार्य 'सामान्य ज्ञान (30 प्रश्न)' और 'इतिहास (History)' का विस्तृत और अद्यतन पाठ्यक्रम है। इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा 11 और 12 के लिए प्रवक्ता पद पर चयन किया जाता है।
महत्वपूर्ण नोट (PGT परीक्षा पैटर्न): नए आयोग के पैटर्न के अनुसार अब यूपी पीजीटी (UP PGT) की लिखित परीक्षा में अपने विषय (इतिहास) के साथ-साथ सामान्य ज्ञान (30 प्रश्न) भी अनिवार्य कर दिया गया है। ध्यान रहे कि प्रवक्ता पद की इस परीक्षा में टीजीटी के विपरीत साक्षात्कार (Interview) भी शामिल होता है, और इसमें किसी भी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) नहीं होती है।
HISTORY Syllabus UP PGT
विस्तृत पाठ्यक्रम का विश्लेषण (Detailed Syllabus Analysis)
खंड (Section) विस्तृत विषय वस्तु (Detailed Topics)
सामान्य ज्ञान
(अनिवार्य खंड: 30 प्रश्न)
  • इकाई 1: समसामयिकी— (i) राज्य, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ (ii) चर्चित व्यक्तित्व (iii) खेल।
  • इकाई 2: भारतीय इतिहास, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, भूगोल— (i) भारतीय इतिहास एवं भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन (ii) भारतीय संविधान एवं राज व्यवस्था, शैक्षिक व्यवस्था से संबंधित विधिक एवं संवैधानिक विकास (iii) भारतीय अर्थव्यवस्था (iv) भारत का सामान्य भूगोल एवं जनसंख्या।
  • इकाई 3: सामान्य विज्ञान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी— (i) सामान्य विज्ञान समसामयिक संदर्भ में प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण (ii) मानव स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विटामिन, खनिज, रोग, अल्पताजन्य रोग, हार्मोन्स, एन्जाइम (iii) कम्प्यूटर और इन्टरनेट शब्दावली (iv) आई० सी० टी० के अनुप्रयोग (v) शैक्षिक प्रौद्योगिकी में विकास।
1. प्राचीन भारतीय इतिहास
  • प्रागैतिहास / पुरा ऐतिहासिक संस्कृतियां: प्रागैतिहासिक मानव एवं उसका जीवन (उपकरण, आवास, भोजन)। पूर्व (पुरा) पाषाण युग, मध्य पाषाण युग, नव पाषाण युग और इनकी प्रमुख विशेषताएं।
  • सिन्धु-सरस्वती घाटी की सभ्यता: काल, विस्तार एवं नगर नियोजन/योजना की प्रमुख विशेषताएं, सामाजिक जीवन, अर्थव्यवस्था (कृषि एवं व्यापार), कला एवं धार्मिक जीवन।
  • वैदिक संस्कृति: वैदिक वाङ्‌मय (संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद एवं वेदांग)। पूर्व वैदिक काल एवं उत्तर वैदिक काल— सामाजिक दशा/वर्गीकरण, राजनैतिक विचार एवं संस्थाएं, आर्थिक दशा, धर्म एवं दार्शनिक स्थापनाएं।
  • छठी शताब्दी ईस्वीपूर्व का परिदृश्य एवं धार्मिक आन्दोलन: षोडश महाजनपद एवं गणराज्य: इनकी प्रमुख विशेषताएं एवं शासन पद्धतियां। जैन धर्म, बौद्ध धर्म, भागवत धर्म, वैष्णव एवं शैव धर्मों के प्रमुख तत्व। हिन्दू धर्म के पुनर्गठन में शंकराचार्य का योगदान।
  • मगध का उत्कर्ष: बिम्बिसार से नन्द राजवंश तक।
  • मौर्य साम्राज्य: चन्द्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार, सम्राट अशोक (अशोक का मूल्यांकन)। मौर्य साम्राज्य का विस्तार, राजनीतिक इतिहास, प्रशासन, समाज, कला एवं संस्कृति/धर्म। कौटिल्य का अर्थशास्त्र।
  • विदेशी आक्रमण एवं मौर्योत्तर काल: पारसीक एवं यवन आक्रमण और उसका प्रभाव। शुंग, शक, सातवाहन एवं कुषाण शासन की प्रमुख विशेषताएं। सांची, भरहुत, गांधार एवं मथुरा कला।
  • गुप्त राजवंश: चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, कुमारगुप्त प्रथम एवं स्कन्दगुप्त के विशेष सन्दर्भ में गुप्त राजवंश का राजनीतिक इतिहास। गुप्त काल की प्रमुख विशेषताएं, कला (मंदिर वास्तु, अजन्ता एवं एलोरा की गुफाएं), धर्म, दर्शन एवं समाज।
  • गुप्तोत्तर काल एवं दक्षिण भारत: हर्ष शीलादित्य, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन। गुर्जर-प्रतिहार, पाल एवं राष्ट्रकूट राजवंश, परमार, गाहडवाल, चाहमान, चालुक्य, पल्लव एवं चोल राजवंश का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक अवदान/इतिहास, चोल प्रशासन। उत्तर भारत की राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति (800 ई० से 1200 ई० तक)।
2. मध्यकालीन भारतीय इतिहास
  • अरब-तुर्क आक्रमण एवं दिल्ली सल्तनत: भारत पर अरब एवं तुर्क आक्रमण: भारतीय प्रतिरोध एवं भारत पर उनका प्रभाव। महमूद गजनवी, मुहम्मद गोरी। कुतुबुद्दीन ऐबक की उपलब्धियों का मूल्यांकन, इल्तुतमिश का सल्तनत शासकों में स्थान, रजिया सुल्तान का महत्व।
  • खिलजी व तुगलक वंश: बलबन (राजस्व सिद्धान्त), खिलजी क्रांति एवं उसका महत्व, अलाउद्दीन खिलजी (साम्राज्य विस्तार, बाजार मूल्य नियंत्रण, भू-राजस्व, दक्षिण नीति)। गयासुद्दीन तुगलक, मुहम्मद बिन तुगलक की योजनाएं एवं मूल्यांकन, फिरोजशाह तुगलक, तैमूर आक्रमण।
  • प्रांतीय राजवंश: बहमनी राजवंश, विजय नगर साम्राज्य, सैयद एवं लोदी वंश।
  • मुगल साम्राज्य: बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहाँ, एवं औरंगजेब की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक दशा। मुगल साम्राज्य का पतन।
  • मराठा साम्राज्य: मराठा अभ्युदय— छत्रपति शिवाजी का जीवन चरित्र एवं उपलब्धियां।
3. आधुनिक कालीन भारतीय इतिहास
  • ब्रिटिश शासन की स्थापना: भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का आगमन, ब्रिटिश शासन के राजनीतिक एवं आर्थिक प्रभाव।
  • 1857 का विद्रोह: कारण, स्वरूप एवं परिणाम।
  • पुनर्जागरण एवं सुधार आन्दोलन: 19वीं शताब्दी में पुनर्जागरण तथा सामाजिक - आर्थिक आन्दोलन (स्वामी दयानन्द सरस्वती, राजा राममोहन राय, अरविन्द घोष, एनी बेसेन्ट एवं रवीन्द्र नाथ टैगोर)।
  • राष्ट्रीय आन्दोलन: स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी का योगदान।
  • स्वतंत्रता एवं विभाजन: स्वतंत्रता की प्राप्ति, देश का विभाजन और उसके बाद का भारत— सन् 2000 तक

मूल सिलेबस (आधिकारिक पाठ्यक्रमानुसार)

सामान्य ज्ञान (प्रश्नों की संख्या-30)

इकाई 1: समसामयिकी— (i) राज्य, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ (ii) चर्चित व्यक्तित्व (iii) खेल।
इकाई 2: भारतीय इतिहास, भारतीय राजव्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, भारत का भूगोल— (i) भारतीय इतिहास एवं भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन (ii) भारतीय संविधान एवं राज व्यवस्था, शैक्षिक व्यवस्था से संबंधित विधिक एवं संवैधानिक विकास (iii) भारतीय अर्थव्यवस्था (iv) भारत का सामान्य भूगोल एवं जनसंख्या।
इकाई 3: सामान्य विज्ञान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी— (i) सामान्य विज्ञान समसामयिक संदर्भ में प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण (ii) मानव स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विटामिन, खनिज, रोग, अल्पताजन्य रोग, हार्मोन्स, एन्जाइम (iii) कम्प्यूटर और इन्टरनेट शब्दावली (iv) आई० सी० टी० के अनुप्रयोग (v) शैक्षिक प्रौद्योगिकी में विकास।

इतिहास (History)

प्रागैतिहास / पुरा ऐतिहासिक संस्कृतियां: प्रागैतिहासिक मानव एवं उसका जीवन (उपकरण, आवास, भोजन), पूर्व (पुरा) पाषाण युग, मध्य पाषाण युग, नव पाषाण युग और इनकी प्रमुख/सामान्य विशेषताएं।

सिन्धु-सरस्वती घाटी की सभ्यता: काल, विस्तार एवं नगर योजना/नियोजन की प्रमुख विशेषताएं, समाज, अर्थव्यवस्था (कृषि एवं व्यापार), कला, धार्मिक जीवन और सामाजिक जीवन।

वैदिक संस्कृति / काल: वैदिक वाङ्‌मय (संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद एवं वेदांग), पूर्व वैदिक काल एवं उत्तर वैदिक काल–सामाजिक दशा/वर्गीकरण, राजनैतिक विचार एवं संस्थाएं, आर्थिक दशा, धर्म एवं दार्शनिक स्थापनाएं।

छठी शताब्दी ईस्वीपूर्व का परिदृश्य एवं धार्मिक आन्दोलन: षोडश महाजनपद एवं गणराज्य:- इनकी प्रमुख विशेषताएं एवं शासन पद्धतियां, जैन धर्म, बौद्ध धर्म, भागवत धर्म, वैष्णव एवं शैव धर्मों के प्रमुख तत्व, हिन्दू धर्म, के पुनर्गठन में शंकराचार्य का योगदान।

मगध का उत्कर्ष: बिम्बिसार से नन्द राजवंश तक।

मौर्य साम्राज्य: चन्द्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार, सम्राट अशोक, अशोक का मूल्यांकन, मौर्य साम्राज्य का विस्तार, राजनीतिक इतिहास, प्रशासन, समाज, कला एवं संस्कृति/धर्म। कौटिल्य का अर्थशास्त्र।

विदेशी आक्रमण एवं मौर्योत्तर काल: पारसीक एवं यवन आक्रमण और उसका प्रभाव। शुंग, शक, सातवाहन एवं कुषाण शासन की प्रमुख विशेषताएं। सांची, भरहुत, गांधार एवं मथुरा कला।

गुप्त राजवंश: चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, कुमारगुप्त प्रथम एवं स्कन्दगुप्त के विशेष सन्दर्भ में गुप्त राजवंश का राजनीतिक इतिहास, गुप्त काल की प्रमुख विशेषताएं, कला (मंदिर वास्तु, अजन्ता एवं एलोरा की गुफाएं), धर्म, दर्शन एवं समाज।

गुप्तोत्तर काल एवं दक्षिण भारत: गुप्तोत्तर काल (हर्ष शीलादित्य)– आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन। गुर्जर-प्रतिहार, पाल एवं राष्ट्रकूट राजवंश, परमार, गाहडवाल, चाहमान, चालुक्य, पल्लव एवं चोल राजवंश का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक अवदान/इतिहास, चोल प्रशासन, उत्तर भारत की राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति (800 ई० से 1200 ई० तक)।

भारत पर अरब एवं तुर्क आक्रमण: भारतीय प्रतिरोध एवं भारत पर उनका प्रभाव। महमूद गजनवी, मुहम्मद गोरी।

दिल्ली सल्तनत की स्थापना: कुतुबुद्दीन ऐबक की उपलब्धियों का मूल्यांकन, इल्तुतमिश का सल्तनत शासकों में स्थान, रजिया सुल्तान का मध्यकालीन भारतीय इतिहास में महत्व। बलबन की प्रारम्भिक कठिनाइयाँ–बलबन का राजस्व सिद्धान्त।

खिलजी वंश: क्रांति एवं उसका महत्व, अलाउद्दीन खिलजी का साम्राज्य विस्तार, बाजार मूल्य नियंत्रण नीति, भू–राजस्व सुधार, दक्षिण नीति।

तुगलक वंश: गयासुद्दीन तुगलक – जीवन चरित्र एवं उपलब्धियां, मुहम्मद बिन तुगलक, विभिन्न योजनाएं, मुहम्मद बिन तुगलक का समीक्षात्मक मूल्यांकन, फिरोजशाह तुगलक, तैमूर आक्रमण एवं उसका प्रभाव।

प्रांतीय राजवंश: बहमनी राजवंश, विजय नगर, सैयद एवं लोदी वंश।

मुगल वंश: बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, एवं औरंगजेब की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक दशा। मुगल साम्राज्य का पतन।

मराठा अभ्युदय: छत्रपति शिवाजी का जीवन चरित्र एवं उपलब्धियां।

आधुनिक कालीन भारतीय इतिहास: भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का आगमन–भारत में ब्रिटिश शासन के राजनीतिक एवं आर्थिक प्रभाव।

1857 का विद्रोह: कारण, स्वरूप एवं परिणाम।

पुनर्जागरण तथा सामाजिक–आर्थिक आन्दोलन: उन्नीसवीं शताब्दी में पुनर्जागरण, स्वामी दयानन्द सरस्वती, राजा राममोहन राय, अरविन्द घोष, एनी बेसेन्ट एवं रवीन्द्र नाथ टैगोर।

राष्ट्रीय आन्दोलन एवं स्वतंत्रता संग्राम: महात्मा गांधी का योगदान, स्वतंत्रता की प्राप्ति, देश का विभाजन और उसके बाद का भारत–सन् 2000 तक।

क्या आप UPPSC GIC Lecturer 'इतिहास (History)' की भी तैयारी कर रहे हैं?

👉 UPPSC GIC Lecturer इतिहास का विस्तृत सिलेबस यहाँ देखें

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या UP PGT परीक्षा में सामान्य ज्ञान अनिवार्य है?
उत्तर: जी हाँ, नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के पैटर्न के अनुसार अब प्रशिक्षित स्नातक (TGT) और प्रवक्ता (PGT) दोनों परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान (30 प्रश्न) का खण्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रश्न 2: UP PGT इतिहास पाठ्यक्रम में आधुनिक इतिहास कहाँ तक पूछा जाता है?
उत्तर: आधिकारिक सिलेबस के अनुसार, आधुनिक भारत का इतिहास 'देश का विभाजन और उसके बाद का भारत - सन् 2000 तक' पूछा जाता है।
प्रश्न 3: क्या UP PGT इतिहास की परीक्षा में वर्ल्ड हिस्ट्री (विश्व इतिहास) शामिल है?
उत्तर: नहीं, यूपी पीजीटी इतिहास के वर्तमान पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारतीय इतिहास ही शामिल है। विश्व इतिहास इसका हिस्सा नहीं है।
प्रश्न 4: क्या PGT परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) होती है?
उत्तर: नहीं, यूपी पीजीटी (प्रवक्ता) परीक्षा में किसी भी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है।
प्रश्न 5: क्या इस परीक्षा के बाद साक्षात्कार (Interview) देना होता है?
उत्तर: हाँ, प्रवक्ता (PGT) पद के लिए लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार (Interview) का भी प्रावधान है।
✈️ Join Telegram 📱 Join WhatsApp
Related Posts
Latest Posts
Loading...

Comments

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

Disclaimer: 'History Study Adda' पर उपलब्ध सभी अध्ययन सामग्री और नोट्स केवल छात्रों के त्वरित मार्गदर्शन और परीक्षा की तैयारी के लिए हैं; इन्हें कानूनी दस्तावेज़ न मानें। इतिहास के प्रश्नों में अक्सर अलग-अलग भर्ती आयोगों (Commissions) द्वारा अलग-अलग उत्तरों को सही मान लिया जाता है। अतः, किसी भी मानवीय/टाइपिंग त्रुटि या आधिकारिक उत्तर कुंजी (Answer Key) से भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे। अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और मानक पुस्तकों का ही संदर्भ लें। यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र निजी शैक्षिक मंच है।