| उ०प्र० PGT इतिहास (प्रवक्ता) पाठ्यक्रम |
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| Short Information: यह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB), प्रयागराज द्वारा आयोजित PGT (प्रवक्ता) पद के लिए 'इतिहास (History)' का विस्तृत और अद्यतन पाठ्यक्रम है। इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा 11 और 12 के लिए प्रवक्ता पद पर चयन किया जाता है। आधिकारिक जानकारी के लिए आप चयन बोर्ड की वेबसाइट https://www.upessc.up.gov.in/ पर विजिट कर सकते हैं। |
| विस्तृत पाठ्यक्रम का विश्लेषण (Detailed Syllabus Analysis) | |
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| खंड (Section) | विस्तृत विषय वस्तु (Detailed Topics) |
| 1. प्राचीन भारतीय इतिहास |
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| 2. मध्यकालीन भारतीय इतिहास |
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| 3. आधुनिक कालीन भारतीय इतिहास |
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मूल सिलेबस (आधिकारिक पाठ्यक्रमानुसार)
पुरा ऐतिहासिक संस्कृतियां – पूर्व पाषाण युग, मध्य पाषाण युग, नव पाषाण युग और इनकी प्रमुख विशेषताएं। सिन्धु घाटी की सभ्यता– नगर नियोजन, धार्मिक जीवन और सामाजिक जीवन। वैदिक काल– पूर्व वैदिक काल एवं उत्तर वैदिक काल–सामाजिक दशा, धार्मिक दशा, आर्थिक दशा और राजनीतिक दशा। धार्मिक आन्दोलन–जैन धर्म, बौद्ध धर्म, भागवत धर्म, शैव धर्म, हिन्दू धर्म, के पुनर्गठन में शंकराचार्य का योगदान।
मौर्य साम्राज्य– राजनीतिक इतिहास, अशोक का मूल्यांकन, समाज एवं संस्कृति। गुप्त राजवंश–राजनीतिक इतिहास, कला, धर्म, दर्शन एवं समाज, गुप्तोत्तर काल में आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन। चोल वंश–राजनीतिक इतिहास, चोल प्रशासन, उत्तर भारत की राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति (800 ई० से 1200 ई० तक)।
तुर्क आक्रमण – महमूद गजनवी, मुहम्मद गोरी दिल्ली सल्तनत की स्थापना– कुतुबुद्दीन ऐबक की उपलब्धियों का मूल्यांकन, इल्तुतमिश का सल्तनत शासकों में स्थान, रजिया सुल्तान का मध्यकालीन भारतीय इतिहास में महत्व। बलबन की प्रारम्भिक कठिनाइयाँ–बलबन का राजस्व सिद्धान्त, खिलजी– क्रांति एवं उसका महत्व, अलाउद्दीन खिलजी का साम्राज्य विस्तार, बाजार मूल्य नियंत्रण नीति, भू–राजस्व सुधार, दक्षिण नीति। तुगलक वंश– गयासुद्दीन तुगलक – जीवन चरित्र एवं उपलब्धियां, मुहम्मद बिन तुगलक, विभिन्न योजनाएं, मुहम्मद बिन तुगलक का समीक्षात्मक मूल्यांकन, फिरोजशाह तुगलक, तैमूर आक्रमण एवं उसका प्रभाव बहमनी राजवंश, विजय नगर, सैयद एवं लोदी वंश, मुगल वंश बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, एवं औरंगजेब की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक दशा। मुगल साम्राज्य का पतन–मराठा अभ्युदय–छत्रपति शिवाजी का जीवन चरित्र एवं उपलब्धियां।
आधुनिक कालीन भारतीय इतिहास– भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का आगमन–भारत में ब्रिटिश शासन के राजनीतिक एवं आर्थिक प्रभाव, सन् 1857 के विद्रोह के कारण, स्वरूप एवं परिणाम, उन्नीसवीं शताब्दी में पुनर्जागरण तथा सामाजिक – आर्थिक आन्दोलन, स्वामी दयानन्द सरस्वती, राजा राममोहन राय, अरविन्द घोष, एनी बेसेन्ट एवं रवीन्द्र नाथ टैगोर, राष्ट्रीय आन्दोलन एवं स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी का योगदान, स्वतंत्रता की प्राप्ति, देश का विभाजन और उसके बाद का भारत–सन् 2000 तक।
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