| उ०प्र० PGT सामान्य ज्ञान एवं इतिहास (प्रवक्ता) पाठ्यक्रम |
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| Short Information: यह उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित PGT (प्रवक्ता) पद के लिए अनिवार्य 'सामान्य ज्ञान (30 प्रश्न)' और 'इतिहास (History)' का विस्तृत और अद्यतन पाठ्यक्रम है। इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा 11 और 12 के लिए प्रवक्ता पद पर चयन किया जाता है। |
| विस्तृत पाठ्यक्रम का विश्लेषण (Detailed Syllabus Analysis) | |
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| खंड (Section) | विस्तृत विषय वस्तु (Detailed Topics) |
| सामान्य ज्ञान (अनिवार्य खंड: 30 प्रश्न) |
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| 1. प्राचीन भारतीय इतिहास |
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| 2. मध्यकालीन भारतीय इतिहास |
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| 3. आधुनिक कालीन भारतीय इतिहास |
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मूल सिलेबस (आधिकारिक पाठ्यक्रमानुसार)
सामान्य ज्ञान (प्रश्नों की संख्या-30)
इकाई 1: समसामयिकी— (i) राज्य, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ (ii) चर्चित व्यक्तित्व (iii) खेल।
इकाई 2: भारतीय इतिहास, भारतीय राजव्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, भारत का भूगोल— (i) भारतीय इतिहास एवं भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन (ii) भारतीय संविधान एवं राज व्यवस्था, शैक्षिक व्यवस्था से संबंधित विधिक एवं संवैधानिक विकास (iii) भारतीय अर्थव्यवस्था (iv) भारत का सामान्य भूगोल एवं जनसंख्या।
इकाई 3: सामान्य विज्ञान, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी— (i) सामान्य विज्ञान समसामयिक संदर्भ में प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण (ii) मानव स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विटामिन, खनिज, रोग, अल्पताजन्य रोग, हार्मोन्स, एन्जाइम (iii) कम्प्यूटर और इन्टरनेट शब्दावली (iv) आई० सी० टी० के अनुप्रयोग (v) शैक्षिक प्रौद्योगिकी में विकास।
इतिहास (History)
प्रागैतिहास / पुरा ऐतिहासिक संस्कृतियां: प्रागैतिहासिक मानव एवं उसका जीवन (उपकरण, आवास, भोजन), पूर्व (पुरा) पाषाण युग, मध्य पाषाण युग, नव पाषाण युग और इनकी प्रमुख/सामान्य विशेषताएं।
सिन्धु-सरस्वती घाटी की सभ्यता: काल, विस्तार एवं नगर योजना/नियोजन की प्रमुख विशेषताएं, समाज, अर्थव्यवस्था (कृषि एवं व्यापार), कला, धार्मिक जीवन और सामाजिक जीवन।
वैदिक संस्कृति / काल: वैदिक वाङ्मय (संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद एवं वेदांग), पूर्व वैदिक काल एवं उत्तर वैदिक काल–सामाजिक दशा/वर्गीकरण, राजनैतिक विचार एवं संस्थाएं, आर्थिक दशा, धर्म एवं दार्शनिक स्थापनाएं।
छठी शताब्दी ईस्वीपूर्व का परिदृश्य एवं धार्मिक आन्दोलन: षोडश महाजनपद एवं गणराज्य:- इनकी प्रमुख विशेषताएं एवं शासन पद्धतियां, जैन धर्म, बौद्ध धर्म, भागवत धर्म, वैष्णव एवं शैव धर्मों के प्रमुख तत्व, हिन्दू धर्म, के पुनर्गठन में शंकराचार्य का योगदान।
मगध का उत्कर्ष: बिम्बिसार से नन्द राजवंश तक।
मौर्य साम्राज्य: चन्द्रगुप्त मौर्य, बिन्दुसार, सम्राट अशोक, अशोक का मूल्यांकन, मौर्य साम्राज्य का विस्तार, राजनीतिक इतिहास, प्रशासन, समाज, कला एवं संस्कृति/धर्म। कौटिल्य का अर्थशास्त्र।
विदेशी आक्रमण एवं मौर्योत्तर काल: पारसीक एवं यवन आक्रमण और उसका प्रभाव। शुंग, शक, सातवाहन एवं कुषाण शासन की प्रमुख विशेषताएं। सांची, भरहुत, गांधार एवं मथुरा कला।
गुप्त राजवंश: चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, कुमारगुप्त प्रथम एवं स्कन्दगुप्त के विशेष सन्दर्भ में गुप्त राजवंश का राजनीतिक इतिहास, गुप्त काल की प्रमुख विशेषताएं, कला (मंदिर वास्तु, अजन्ता एवं एलोरा की गुफाएं), धर्म, दर्शन एवं समाज।
गुप्तोत्तर काल एवं दक्षिण भारत: गुप्तोत्तर काल (हर्ष शीलादित्य)– आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन। गुर्जर-प्रतिहार, पाल एवं राष्ट्रकूट राजवंश, परमार, गाहडवाल, चाहमान, चालुक्य, पल्लव एवं चोल राजवंश का राजनीतिक एवं सांस्कृतिक अवदान/इतिहास, चोल प्रशासन, उत्तर भारत की राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति (800 ई० से 1200 ई० तक)।
भारत पर अरब एवं तुर्क आक्रमण: भारतीय प्रतिरोध एवं भारत पर उनका प्रभाव। महमूद गजनवी, मुहम्मद गोरी।
दिल्ली सल्तनत की स्थापना: कुतुबुद्दीन ऐबक की उपलब्धियों का मूल्यांकन, इल्तुतमिश का सल्तनत शासकों में स्थान, रजिया सुल्तान का मध्यकालीन भारतीय इतिहास में महत्व। बलबन की प्रारम्भिक कठिनाइयाँ–बलबन का राजस्व सिद्धान्त।
खिलजी वंश: क्रांति एवं उसका महत्व, अलाउद्दीन खिलजी का साम्राज्य विस्तार, बाजार मूल्य नियंत्रण नीति, भू–राजस्व सुधार, दक्षिण नीति।
तुगलक वंश: गयासुद्दीन तुगलक – जीवन चरित्र एवं उपलब्धियां, मुहम्मद बिन तुगलक, विभिन्न योजनाएं, मुहम्मद बिन तुगलक का समीक्षात्मक मूल्यांकन, फिरोजशाह तुगलक, तैमूर आक्रमण एवं उसका प्रभाव।
प्रांतीय राजवंश: बहमनी राजवंश, विजय नगर, सैयद एवं लोदी वंश।
मुगल वंश: बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, एवं औरंगजेब की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक दशा। मुगल साम्राज्य का पतन।
मराठा अभ्युदय: छत्रपति शिवाजी का जीवन चरित्र एवं उपलब्धियां।
आधुनिक कालीन भारतीय इतिहास: भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का आगमन–भारत में ब्रिटिश शासन के राजनीतिक एवं आर्थिक प्रभाव।
1857 का विद्रोह: कारण, स्वरूप एवं परिणाम।
पुनर्जागरण तथा सामाजिक–आर्थिक आन्दोलन: उन्नीसवीं शताब्दी में पुनर्जागरण, स्वामी दयानन्द सरस्वती, राजा राममोहन राय, अरविन्द घोष, एनी बेसेन्ट एवं रवीन्द्र नाथ टैगोर।
राष्ट्रीय आन्दोलन एवं स्वतंत्रता संग्राम: महात्मा गांधी का योगदान, स्वतंत्रता की प्राप्ति, देश का विभाजन और उसके बाद का भारत–सन् 2000 तक।
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