UGC NET/JRF History Syllabus in Hindi | यूजीसी नेट इतिहास पाठ्यक्रम

UGC NET JRF HISTORY SYLLABUS IN HINDI
UGC NET पाठ्यक्रम: पेपर-1 एवं इतिहास (History - Paper-2)
Short Information: यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) नेट-ब्यूरो द्वारा आयोजित UGC NET (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) के लिए 'इतिहास (History) - Paper-2 (Code No.: 06)' एवं 'पेपर-1 (शिक्षण और शोध अभिवृत्ति)' का विस्तृत और आधिकारिक पाठ्यक्रम है। इस परीक्षा के माध्यम से सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए पात्रता निर्धारित की जाती है।

प्रश्न-पत्र -1: सामान्य प्रश्न पत्रः शिक्षण और शोध अभिवृत्ति (Paper-1)
इकाई (Unit) विस्तृत विषय वस्तु (Detailed Topics)
इकाई - 1: शिक्षण अभिवृत्ति
  • शिक्षण: अवधारणाएं, उद्देश्य, शिक्षण का स्तर (स्मरण शक्ति, समझ और विचारात्मक), विशेषताएं और मूल अपेक्षाएं।
  • शिक्षार्थी की विशेषताएं: किशोर और वयस्क शिक्षार्थी की अपेक्षाएं (शैक्षिक, सामाजिक/भावनात्मक और संज्ञानात्मक), व्यक्तिगत भिन्नताएँ।
  • शिक्षण प्रभावक तत्त्व: शिक्षक, सहायक सामग्री, संस्थागत सुविधाएं, शैक्षिक वातावरण।
  • उच्च अधिगम संस्थाओं में शिक्षण की पद्धति: अध्यापक केंद्रित बनाम शिक्षार्थी केंद्रित पद्धति, ऑफ लाइन बनाम ऑन-लाइन पद्धतियां (स्वयं, स्वयंप्रभा, मूक्स इत्यादि)।
  • शिक्षण सहायक प्रणाली: परंपरागत आधुनिक और आई सी टी आधारित।
  • मूल्यांकन प्रणालियां: मूल्यांकन के तत्त्व और प्रकार, उच्च शिक्षा में विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली में मूल्यांकन, कंप्यूटर आधारित परीक्षा, मूल्यांकन पद्धतियों में नवाचार।
इकाई - 2: शोध अभिवृत्ति
  • शोध: अर्थ, प्रकार और विशेषताएं, प्रत्यक्षवाद एवं उत्तर प्रत्यक्षवाद शोध के उपागम।
  • शोध पद्धतियां: प्रयोगात्मक, विवरणात्मक, ऐतिहासिक, गुणात्मक एवं मात्रात्मक।
  • शोध के चरण: शोध के विभिन्न चरण।
  • शोध प्रबन्ध एवं आलेख लेखन: फार्मेट और संदर्भ की शैली।
  • शोध में आई सी टी: शोध में आई सी टी का अनुप्रयोग।
  • शोध नैतिकता: शोध नैतिकता के नियम।
इकाई - 3: बोध
  • गद्यांश: एक गद्यांश दिया जाएगा, उस गद्यांश से पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देना होगा।
इकाई - 4: संप्रेषण
  • संप्रेषण: संप्रेषण का अर्थ, प्रकार और अभिलक्षण।
  • प्रभावी संप्रेषण: वाचिक एवं गैर वाचिक, अन्तः सांस्कृतिक एवं सामूहिक संप्रेषण, कक्षा-संप्रेषण।
  • प्रभावी संप्रेषण की बाधाएं: संप्रेषण में आने वाली मुख्य बाधाएं।
  • जन-मीडिया एवं समाज: जन-मीडिया का समाज पर प्रभाव।
इकाई - 5: गणितीय तर्क और अभिवृत्ति
  • तर्क: तर्क के प्रकार।
  • श्रृंखला एवं संबंध: संख्या श्रेणी, अक्षर श्रृंखला, कूट और संबंध।
  • गणितीय अभिवृत्ति: अंश, समय और दूरी, अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता, लाभ और हानि, व्याज और छूट, औसत आदि।
इकाई - 6: युक्तियुक्त तर्क
  • युक्ति के ढांचे का बोध: युक्ति के रूप, निरूपाधिक तर्कवाक्य का ढाँचा, अवस्था और आकृति, औपचारिक एवं अनौपचारिक युक्ति दोष, भाषा का प्रयोग, शब्दों का लक्ष्यार्थ और वस्त्वर्थ, विरोध का परंपरागत वर्ग।
  • युक्ति के प्रकार: निगमनात्मक और आगमनात्मक युक्ति का मूल्यांकन और विशिष्टीकरण।
  • अनुरूपताएं: विभिन्न प्रकार की अनुरूपताएं।
  • वेण का आरेख: तर्क की वैधता सुनिश्चित करने के लिए वेण आरेख का सरल और बहुप्रयोग।
  • भारतीय तर्कशास्त्र: ज्ञान के साधन।
  • प्रमाण: प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, शब्द, अर्थापत्ति और अनुपलब्धि।
  • अनुमान: अनुमान की संरचना, प्रकार, व्याप्ति, हेत्वाभास।
इकाई - 7: आंकड़ों की व्याख्या
  • आंकड़ों का स्रोत: प्राप्ति और वर्गीकरण।
  • आंकडें: गुणात्मक एवं मात्रात्मक आंकडें।
  • चित्रवत वर्णन: बार-चार्ट, हिस्टोग्राम, पाई-चार्ट, टेबल चार्ट और रेखा-चार्ट और आंकड़ों का मान-चित्रण।
  • आंकड़ों की व्याख्या: आंकड़ों का सही विश्लेषण।
  • आंकड़े और सुशासन: सुशासन में आंकड़ों का उपयोग।
इकाई - 8: सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT)
  • आई सी टी: सामान्य संक्षिप्तियां और शब्दावली।
  • मूलभूत बातें: इंटरनेट, इन्ट्रानेट, ई-मेल, श्रव्य दृश्य कांफ्रेसिंग की मूलभूत बातें।
  • डिजिटल पहलें: उच्च शिक्षा में डिजिटल पहलें।
  • आई सी टी और सुशासन: सुशासन में आई सी टी की भूमिका।
इकाई - 9: लोग, विकास और पर्यावरण
  • विकास और पर्यावरण: मिलेनियम विकास और संपोषणीय विकास का लक्ष्य।
  • मानव और पर्यावरण संव्यवहार: नृजातीय क्रियाकलाप और पर्यावरण पर उनके प्रभाव।
  • पर्यावरणपरक मुद्दे: स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, अपशिष्ट (ठोस, तरल, बायो-मेडिकल, जोखिमपूर्ण, इलैक्ट्रानिक) जलवायु परिवर्तन और इसके सामाजिक आर्थिक तथा राजनीतिक आयाम।
  • प्रभाव: मानव स्वास्थ्य पर प्रदूषकों का प्रभाव।
  • प्राकृतिक और उर्जा के स्रोत: सौर, पवन, मृदा, जल, भू-ताप, बायो-मास, नाभिकी और वन।
  • प्राकृतिक जोखिम और आपदाएं: न्यूनीकरण की युक्तियां।
  • अधिनियम एवं समझौते: पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम (1986), जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना, अन्तर्राष्ट्रीय समझौते/प्रयास - मोंट्रीयल प्रोटोकॉल, रियो सम्मलेन, जैव विविधता सम्मेलन, क्योटो प्रोटोकॉल, पेरिस समझौता, अंतरराष्ट्रीय सौर संधि।
इकाई - 10: उच्च शिक्षा प्रणाली
  • प्राचीन भारत में शिक्षा: उच्च अधिगम संस्थाएं और प्राचीन भारत में शिक्षा।
  • उद्भव: स्वतंत्रता के बाद भारत में उच्च अधिगम और शोध का उद्भव।
  • अधिगम कार्यक्रम: भारत में प्राच्य, पारंपरिक और गैर-पारंपरिक अधिगम कार्यक्रम।
  • शिक्षा: व्यावसायिक/तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा।
  • मूल्य शिक्षा: मूल्य शिक्षा और पर्यावरणपरक शिक्षा।
  • नीतियां: नीतियां, सुशासन, राजनीति और प्रशासन।
  • (टिप्पणी: प्रत्येक यूनिट से 2-2 अंको वाले 5 प्रश्न तैयार किए जाएंगे।)

विषयः इतिहास (History) - Paper-2 (Code No.: 06)
इकाई (Unit) विस्तृत विषय वस्तु (Detailed Topics)
इकाई I: प्राचीन भारत एवं स्रोत
  • स्रोतों संबंधी वार्ता: पुरातत्वीय स्रोत, अन्वेषण, उत्खनन, पुरालेख विद्या तथा मुद्राशास्त्र। साहित्यिक स्रोत (स्वदेशी व विदेशी), मिथिक, दंत कथाओं आदि का काल निर्धारण।
  • पाषाण एवं ताम्र युग: पशुचारण और खाद्य उत्पादन, नवपाषाण और ताम्र पाषाण युग, औज़ार और विनिमय का ढाँचा।
  • सिंधु/हड़प्पा सभ्यता: उद्भव, विस्तार सीमा, नगर योजना, धर्म, समाज, व्यापार और ह्रास के कारण।
  • वैदिक तथा उत्तरकालीन वैदिक युग: आर्यों से संबंधित विवाद, राजनीतिक/सामाजिक संस्थाएं, वर्ण व्यवस्था का उद्भव, धार्मिक विचार। लौह प्रौद्योगिकी का प्रारम्भ, दक्षिण भारत के महापाषाण।
  • राज्य शासन व्यवस्था का विस्तार: महाजनपद, राजतन्त्रीय और गणतन्त्रीय राज्य, द्वितीय शहरीकरण, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और आजीवक सम्प्रदायों का उद्भव।
इकाई II: राज्य से साम्राज्य तक
  • साम्राज्य का उत्थान: मगध का उत्थान, सिकन्दर का आक्रमण, मौर्यों का प्रसार, राज्य व्यवस्था, अशोक का धम्म, मौर्य कालीन कला और वास्तुकला।
  • साम्राज्य का अन्त: इंडो-यूनानी, शुंग, सातवाहन, कुषाण और शक-क्षत्रप, संगम साहित्य और दक्षिण भारत का समाज।
  • व्यापार और वाणिज्य: रोमन जगत के साथ व्यापार, महायान बौद्धधर्म, खारवेल व जैनधर्म। कला और वास्तुकला (गांधार, मथुरा, अमरावती)।
  • गुप्त वाकाटक युग: राज्य शासन व्यवस्था और समाज, कृषि अर्थव्यवस्था, भू-अनुदान, भू राजस्व और गुप्तकालीन सिक्के। मन्दिर स्थापत्य, पौराणिक हिन्दू धर्म का उद्भव, संस्कृत साहित्य, विज्ञान व प्रौद्योगिकी।
  • हर्ष और उसका युग: प्रशासन और धर्म। आंध्र देश में सालांकेयान वंश और विष्णुकुंडीन वंश।
इकाई III: क्षेत्रीय राज्यों का उद्भव
  • क्षेत्रीय राज्यों का उद्भव: दक्षिण में राज्य (गंग, कदंब, चालुक्य, राष्ट्रकूट, काकतीय, होयसल), पल्लव, चेर, चोल, पाण्ड्य।
  • पूर्वी व पश्चिम भारत: पाल, सेन, वर्मन, भौमाकार, गुजरात के चालुक्य।
  • उत्तरी भारत के साम्राज्य: गुर्जर प्रतिहार, कलचुरी-चेदि, गहड़वाल और परमार वंश।
  • प्रारम्भिक मध्यकालीन भारत की विशेषताएं: प्रशासन, कृषि अर्थव्यवस्था, व्यापार और शहरीकरण, दक्षिण-पूर्व एशिया में व्यापार।
  • धर्म, समाज एवं राज्य निर्माण: ब्राह्मणीय धर्मों का विकास, मन्दिर स्थापत्य, भक्ति आन्दोलन (शंकर, रामानुजाचार्य), समाज (वर्ण, जाति, स्त्रियों की स्थिति), शिक्षा के केन्द्र (मठ, महाविहार), सामन्त मॉडल। अरबों का आक्रमण।
इकाई IV: मध्यकालीन भारत एवं साम्राज्य
  • मध्यकालीन इतिहास के स्रोत: पुरातत्वीय, साहित्यिक स्रोत (फारसी, संस्कृत, क्षेत्रीय), विदेशी यात्रियों के वृतांत।
  • राजनीतिक घटनाएं (दिल्ली सल्तनत): ग़ोरी, तुर्क, खलजी, तुग़लक, सैय्यद और लोदी वंश तथा उनका ह्रास।
  • मुग़ल साम्राज्य की नींव: बाबर, हुमायूँ और सूर वंश; अकबर से औरंगजेब तक प्रसार व सुदृढीकरण। मुग़ल साम्राज्य का पतन एवं विघटन।
  • दक्षिण सल्तनत: विजयनगर और बहमनी; बीजापुर, गोलकुंडा, बिदर आदि। पूर्वी गंग और गजपति।
  • मराठों का उत्थान: शिवाजी द्वारा स्वराज की स्थापना, पेशवाओं के अधीन विस्तार, मुग़ल-मराठों के सम्बन्ध, मराठा संघ और पतन के कारण।
इकाई V: प्रशासन और अर्थव्यवस्था
  • प्रशासन (सल्तनत व मुग़ल): केन्द्रीय, प्रान्तीय और स्थानीय प्रशासन, उत्तराधिकार का नियम। शेरशाह के सुधार, मुग़ल प्रशासन (मंसबदारी, जागीरदारी)।
  • दक्षिण में प्रशासन: विजयनगर राज्य व्यवस्था, बहमनी प्रशासन; मराठा अष्टप्रधान।
  • कृषि अर्थव्यवस्था: कृषि उत्पादन और सिंचाई, ग्राम अर्थव्यवस्था, किसान वर्ग, अनुदान।
  • शहरीकरण और उद्योग: जनांकिकीय ढांचा, सूती कपड़ा, हस्तशिल्प, कारखानें और प्रौद्योगिकी।
  • व्यापार और वाणिज्य: राज्य नीतियां, आंतरिक और बाह्य व्यापार, यूरोपीय व्यापार, हुंडी, बीमा, राज्य की आय-व्यय, मुद्रा और टकसाल।
इकाई VI: मध्यकालीन समाज और संस्कृति
  • सामाजिक संगठन: सूफी संत (उनके सिलसिले और प्रथाएं), भक्ति आन्दोलन (शैववाद, वैष्णववाद)।
  • मध्यकालीन युग के संत: उत्तर और दक्षिण के संत, स्त्री संत, सिख्ख आन्दोलन (गुरुनानक देव, आदिग्रंथ, खालसा)।
  • सामाजिक वर्गीकरण: शासक वर्ग, उलेमा, राजपूत समाज, ग्रामीण समाज व किसान।
  • स्त्रियों की स्थिति व शिक्षा: जनाना व्यवस्था, देवदासी व्यवस्था। शिक्षा के केन्द्र (मदरसा शिक्षा)।
  • ललित कलाएं और वास्तुकला: चित्रकारी (मुगल, राजस्थानी, पहाड़ी), संगीत, इंडो-इस्लामी वास्तुकला, मुगल उद्यान, मराठा दुर्ग, मन्दिर।
इकाई VII: आधुनिक भारत का उद्भव
  • आधुनिक इतिहास के स्रोत: अभिलेखागारीय सामग्री, समाचार पत्र, मौखिक साक्ष्य, सृजनात्मक साहित्य।
  • ब्रिटिश सत्ता का उत्थान: यूरोपीय व्यापारी (पुर्तगाली, डच, फ्रांसिसी, ब्रिटिश), भारत में ब्रिटिश आधिपत्य का विस्तार।
  • ब्रिटिश सम्बन्ध और विद्रोह: बंगाल, अवध, मैसूर, पंजाब आदि से सम्बन्ध। 1857 का विद्रोह (कारण, प्रकृति और प्रभाव)।
  • कम्पनी और ताज (क्राउन) का प्रशासन: ईस्ट इंडिया कम्पनी का केन्द्रीय व प्रान्तीय ढांचा, सिविल सर्विस, न्यायतंत्र, पुलिस और सेना।
  • संवैधानिक परिवर्तन: रियासतों में ब्रिटिश नीति, स्थानीय स्व-सरकार, संवैधानिक परिवर्तन (1909-1935)।
इकाई VIII: उपनिवेशीय अर्थव्यवस्था एवं समाज
  • उपनिवेशीय अर्थव्यवस्था: कृषि का वाणिज्यिकीकरण, भू बंदोबस्त, ग्रामीण ऋणग्रस्तता, सिंचाई व्यवस्था।
  • उद्योगों का ह्रास व नई नीतियां: वि-शहरीकरण, आर्थिक अपवहन, ब्रिटिश औद्योगिक नीति, श्रम और मजदूर संघ आन्दोलन। मौद्रिक नीति, रेलवे व संचार।
  • नूतन शहरी केन्द्र: नगर आयोजन, अकाल नीति, महामारी। जनजाति और किसान आन्दोलन।
  • संक्रमणकाल में भारतीय समाज: ईसाई मिशनरी गतिविधियां, नई शिक्षा नीति (अंग्रेजी भाषा, विज्ञान), भारतीय पुनर्जागरण।
  • सामाजिक सुधार: मध्यम वर्ग का उद्भव, स्त्रियों से संबंधित प्रश्न और कानून, प्रिंटिंग प्रेस, लोकमत, भारतीय भाषाओं का आधुनिकीकरण।
इकाई IX: भारतीय राष्ट्रवाद का उत्थान व स्वतन्त्रता
  • भारतीय राष्ट्रवाद: राष्ट्रवाद का सामाजिक एवं आर्थिक आधार, भारतीय नेशनल कांग्रेस का जन्म (1885-1920), स्वदेशी और स्वराज।
  • आन्दोलन: गांधीवादी जन आन्दोलन, सुभाष चंद्र बोस और आई.एन.ए., वामपंथी राजनीति, दलित वर्ग आन्दोलन।
  • स्वतन्त्रता और विभाजन: साम्प्रदायिक राजनीति, मुस्लिम लीग, स्वतन्त्रता और विभाजन की चुनौतियां।
  • स्वतन्त्रता के पश्चात् भारत: रियासतों का एकीकरण (कश्मीर, हैदराबाद, जूनागढ़), बी. आर. अम्बेडकर एवं संविधान का निर्माण।
  • नीतियां: नई शिक्षा नीति, आर्थिक नीतियाँ और नियोजन, भाषाई पुनर्गठन, विदेश नीति (पंचशील), आपातकाल, उदारीकरण और वैश्वीकरण।
इकाई X: ऐतिहासिक प्रणाली एवं इतिहास लेखन
  • इतिहास दर्शन: इतिहास की विषय सीमा और महत्त्व, वस्तुनिष्ठता और पूर्वाग्रह, कारण-कार्य-सम्बन्ध और कल्पना।
  • शोध कार्यप्रणाली: प्राक्कल्पना, स्रोत संग्रह, विषय का चयन, पाद टिप्पणियां, साहित्यिक चोरी, बौद्धिक बेईमानी।
  • इतिहास लेखन: यूनानी, रोमन एवं गिरजाघर सम्बन्धी इतिहास लेखन, पुनर्जागरण का प्रभाव।
  • प्रमुख दर्शन एवं सिद्धान्त: इतिहास का मार्क्सवादी दर्शन, चक्रीय सिद्धान्त, औसवाल्ड स्पेंगलर, अर्नोल्ड जोसफ टॉयनबी (चुनौती एवं प्रत्युत्तर सिद्धान्त)।
  • आधुनिक प्रवृत्तियां: इतिहास में उत्तर-आधुनिकतावाद, वर्तमान भारतीय इतिहास लेखन।

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: UGC NET इतिहास (History) परीक्षा का पैटर्न क्या है?
उत्तर: UGC NET परीक्षा में दो पेपर होते हैं - पेपर-1 (सामान्य/शिक्षण और शोध अभिवृत्ति) जिसमें 50 प्रश्न होते हैं, और पेपर-2 (इतिहास) जिसमें 100 प्रश्न होते हैं। सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective) होते हैं।
प्रश्न 2: क्या UGC NET परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) होती है?
उत्तर: नहीं, वर्तमान UGC NET परीक्षा पैटर्न के अनुसार किसी भी गलत उत्तर के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग (नकारात्मक अंकन) का प्रावधान नहीं है।
प्रश्न 3: UGC NET इतिहास (Paper-2) के पाठ्यक्रम में कितनी इकाइयाँ हैं?
उत्तर: इतिहास (पेपर-2) के पाठ्यक्रम में कुल 10 इकाइयाँ (Units) शामिल हैं, जिनमें प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत का इतिहास, तथा इतिहास दर्शन एवं शोध कार्यप्रणाली शामिल हैं।
प्रश्न 4: पेपर-1 (Paper-1) की तैयारी के लिए किन प्रमुख विषयों पर ध्यान देना चाहिए?
उत्तर: पेपर-1 के लिए आपको शिक्षण अभिवृत्ति, शोध अभिवृत्ति, गणितीय तर्क, आंकड़ों की व्याख्या (Data Interpretation), संप्रेषण (Communication), और सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (ICT) जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
प्रश्न 5: UGC NET इतिहास परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम कितने अंक आवश्यक हैं?
उत्तर: पास होने के लिए सामान्य वर्ग (General Category) को दोनों पेपर मिलाकर न्यूनतम 40% अंक और आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/PWD) को 35% अंक लाने होते हैं, हालांकि JRF और Assistant Professor की मेरिट कट-ऑफ अलग-अलग बनती है।
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Disclaimer: 'History Study Adda' पर उपलब्ध सभी अध्ययन सामग्री और नोट्स केवल छात्रों के त्वरित मार्गदर्शन और परीक्षा की तैयारी के लिए हैं; इन्हें कानूनी दस्तावेज़ न मानें। इतिहास के प्रश्नों में अक्सर अलग-अलग भर्ती आयोगों (Commissions) द्वारा अलग-अलग उत्तरों को सही मान लिया जाता है। अतः, किसी भी मानवीय/टाइपिंग त्रुटि या आधिकारिक उत्तर कुंजी (Answer Key) से भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे। अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और मानक पुस्तकों का ही संदर्भ लें। यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र निजी शैक्षिक मंच है।