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📢 "History Study Adda पर आपका स्वागत है!📜इतिहास रटना छोड़ दो, अब इतिहास रचने की बारी है! 📜 यहाँ आपको TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET/JRF और UPSC, State PCS, SSC, UPSSSC, PET, Railway व अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए Ancient, Medieval, Modern और World History के प्रमाणित नोट्स और महत्वपूर्ण MCQs मिलेंगे। 📜इतिहास रटने का नहीं, समझने का विषय है! 📜"
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History Study Adda वेबसाइट क्या है?

History Study Adda पर TGT/PGT, LT/GIC, UGC NET, UPSC, SSC सहित सभी One-Day प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इतिहास के महत्वपूर्ण MCQs और नोट्स पढ़ें। 'इतिहास रटने का नहीं, समझने का विषय है' — इसी मूल विचार के साथ, यह सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बेहतरीन मंच है।

यहाँ हम संपूर्ण इतिहास से संबंधित उच्च-स्तरीय MCQs, विस्तृत नोट्स और तथ्यपूर्ण आर्टिकल्स नियमित रूप से अपलोड करते हैं। जटिल ऐतिहासिक तथ्यों को सरल भाषा में समझाना ही हमारा लक्ष्य है। अपनी तैयारी को और भी मजबूत व सटीक बनाने के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

यह एक निजी एजुकेशनल (शैक्षिक) पोर्टल है जिसे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो 'इतिहास' (History) विषय के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी सफलता का परचम लहराना चाहते हैं।

History Study Adda की मुख्य विशेषताएँ

  • विषयवार विस्तृत आर्टिकल्स: प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक और विश्व इतिहास की संपूर्ण सामग्री।
  • उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): हर टॉपिक पर आधारित अति महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Questions) और Mock Tests।
  • परीक्षा-उपयोगी शॉर्ट नोट्स: त्वरित रिवीजन (Quick Revision) के लिए टू-द-पॉइंट (To-the-point) आर्टिकल्स।
  • सरल और स्पष्ट भाषा: कठिन से कठिन विषय को भी आसान शब्दों में समझाने का प्रयास।

History Study Adda वेबसाइट का उपयोग क्यों करना चाहिए?

इतिहास अक्सर छात्रों को एक उबाऊ या केवल तिथियों (Dates) और युद्धों को याद रखने वाला विषय लगता है। इस भ्रांति को दूर करने के लिए आपको इसका उपयोग करना चाहिए क्योंकि:

  • यहाँ रटने के बजाय समझने पर जोर दिया जाता है।
  • यह TGT/PGT/LT और UGC NET के विस्तृत सिलेबस को कवर करता है, जिससे One-Day परीक्षाएँ स्वतः ही आसान हो जाती हैं।
  • परीक्षा के बदलते पैटर्न के अनुसार नवीनतम सामग्री लगातार अपडेट होती है।

History Study Adda वेबसाइट का उपयोग हम कैसे कर सकते हैं?

  • कैटेगरी चुनें: होमपेज पर Ancient, Medieval, Modern या World History के सेक्शन में जाएं।
  • सर्च करें: किसी विशेष विषय (जैसे- मुग़ल काल, सिंधु घाटी) के लिए सर्च बॉक्स का उपयोग करें।
  • रिवीजन और प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के बाद उसी विषय के MCQs और Mock Tests को हल करें।

प्रतियोगी परीक्षाओं में 'इतिहास' विषय का क्या महत्व है?

भारत में सिविल सेवा और शिक्षक भर्ती (Teaching Exams) जैसे क्षेत्रों में इतिहास की भूमिका निर्णायक होती है:

  • सामान्य अध्ययन (GS) का आधार: UPSC और State PCS में इतिहास से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • स्कोरिंग विषय: यदि कॉन्सेप्ट क्लियर हों, तो इतिहास में पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
  • संस्कृति और जड़ों की समझ: यह विषय हमें हमारे अतीत और समाज के विकास को समझने में मदद करता है।

हम परीक्षाओं में इतिहास में अच्छे अंक कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

  • क्रमबद्ध अध्ययन: घटनाओं को क्रोनोलॉजी (कालक्रम) के अनुसार पढ़ें, तिथियां रटने से बचें।
  • मानक स्रोत: केवल प्रामाणिक पुस्तकों और History Study Adda जैसे सटीक प्लेटफॉर्म्स पर अध्ययन करें।
  • MCQs की प्रैक्टिस: थ्योरी पढ़ने के तुरंत बाद उससे जुड़े अधिक से अधिक बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें।
  • शॉर्ट नोट्स: एग्जाम के अंतिम दिनों के लिए खुद के की-वर्ड्स (Keywords) वाले नोट्स बनाएं।

भारत में सरकारी नौकरियां लोगों को क्यों पसंद हैं?

हमारे देश में सरकारी नौकरी (Government Job) को लेकर युवाओं में एक अलग ही जुनून देखने को मिलता है। इसे केवल एक रोज़गार नहीं, बल्कि जीवन की स्थिरता माना जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • करियर और जॉब सिक्योरिटी: प्राइवेट सेक्टर की अनिश्चितता के उलट, सरकारी सेवा में नौकरी जाने का डर न के बराबर होता है।
  • शानदार वेतन और सुविधाएं: आकर्षक सैलरी (7th Pay Commission) के साथ-साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया (HRA) और मेडिकल जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।
  • समाज में प्रतिष्ठा: सरकारी अफसर या शिक्षक बनने पर समाज और रिश्तेदारों के बीच सम्मान और रुतबा बढ़ता है।
  • तनावमुक्त पारिवारिक जीवन: फिक्स वर्किंग आवर्स और सरकारी छुट्टियों के कारण आप अपने परिवार को क्वालिटी टाइम दे पाते हैं।

सरकारी नौकरी हम कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

सरकारी नौकरी पाना रातों-रात का चमत्कार नहीं है; इसके लिए सही दिशा, अटूट धैर्य और स्मार्ट स्टडी की जरूरत होती है:

  • अपना फोकस साफ रखें: सबसे पहले तय करें कि आपको टीचिंग फील्ड (TGT, PGT, NET) में जाना है या प्रशासनिक सेवा (UPSC, PCS) में।
  • पाठ्यक्रम (Syllabus) से चिपके रहें: ऑफिशियल सिलेबस का प्रिंटआउट लें और पिछले 5-10 सालों के प्रश्न-पत्रों (Previous Year Papers) का बारीकी से अध्ययन करें।
  • प्रामाणिक अध्ययन सामग्री: 10 अलग-अलग किताबें पढ़ने से बेहतर है कि 1 अच्छी किताब को 10 बार पढ़ें। इतिहास के लिए History Study Adda के सटीक नोट्स फॉलो करें।
  • रोज़ाना प्रैक्टिस: सिर्फ थ्योरी पढ़ने से काम नहीं चलेगा। जो टॉपिक पढ़ें, तुरंत उसके MCQs हल करें और मॉक टेस्ट देकर अपनी गलतियों को सुधारें।

History Study Adda आपकी कैसे मदद कर सकता है?

  • सिलेबस-आधारित सामग्री: TGT, PGT, UPSC, NET/JRF के लेटेस्ट सिलेबस के अनुसार कंटेंट।
  • समय की बचत: आपको कई किताबें छानने की जरूरत नहीं, सभी प्रामाणिक स्रोतों का निचोड़ मिलता है।
  • मार्गदर्शन: किस परीक्षा के लिए क्या और कितना पढ़ना है, इसका सही मार्गदर्शन।

History Study Adda पर हमें भरोसा क्यों करना चाहिए?

  • तथ्यों की प्रामाणिकता: हमारा कंटेंट मानक ऐतिहासिक पुस्तकों और प्रामाणिक स्रोतों से अत्यंत सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है।
  • छात्र-हित सर्वोपरि: हमारा उद्देश्य भ्रामक जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्र की सफलता को सुनिश्चित करना है।
  • लगातार अपडेट्स: हम पुरानी सामग्री पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार कंटेंट को अपडेट करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. History Study Adda वेबसाइट क्या है?

उत्तर: यह एक निजी शैक्षिक (Educational) पोर्टल है जो विशेष रूप से 'इतिहास' विषय की तैयारी कर रहे छात्रों (TGT, PGT, UPSC, NET आदि) के लिए बनाया गया है।

Q2. क्या यह एक सरकारी वेबसाइट है?

उत्तर: नहीं, यह एक निजी (Private) प्लेटफॉर्म है जो छात्रों को मुफ्त एवं उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है।

Q3. यह वेबसाइट किन परीक्षाओं के लिए उपयोगी है?

उत्तर: मुख्य रूप से Teaching Exams (TGT, PGT, LT Grade, UGC NET) और Civil Services (UPSC, State PCS, SSC, Railway) के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।

Q4. क्या यहाँ मुझे विश्व इतिहास (World History) के नोट्स मिलेंगे?

उत्तर: हाँ, प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास के साथ-साथ आपको विश्व इतिहास के भी विस्तृत नोट्स और MCQs यहाँ प्राप्त होंगे。

Q5. क्या वेबसाइट पर केवल थ्योरी (Theory) पढ़ाई जाती है?

उत्तर: नहीं, थ्योरी के साथ-साथ आपकी प्रैक्टिस के लिए उच्च स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective MCQs) और मॉक टेस्ट भी उपलब्ध हैं。

Q6. क्या वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी प्रामाणिक है?

उत्तर: बिल्कुल, यहाँ उपलब्ध कराई गई सभी अध्ययन सामग्री मानक और प्रामाणिक ऐतिहासिक पुस्तकों के गहन अध्ययन के बाद ही तैयार की जाती है।

Q7. मैं इस वेबसाइट पर किसी विशेष टॉपिक की मांग कैसे कर सकता हूँ?

उत्तर: आप 'Contact Us' पेज पर जाकर या सीधे HistoryStudyAdda@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से हमें अपने सुझाव और डिमांड भेज सकते हैं।

Q8. क्या हिस्ट्री स्टडी अड्डा का कोई यूट्यूब चैनल या सोशल मीडिया ग्रुप है?

उत्तर: हाँ, आप वेबसाइट के फुटर (सबसे नीचे) में दिए गए लिंक के माध्यम से हमारे Telegram, WhatsApp और YouTube चैनल आदि से जुड़ सकते हैं।

Q9. भारत में सरकारी नौकरी (Government Job) की इतनी मांग क्यों है?

उत्तर: जॉब सिक्योरिटी, बेहतर वेतन, भत्ते और समाज में उच्च सम्मान के कारण सरकारी नौकरी युवाओं की पहली पसंद होती है।

Q10. मैं शिक्षक या सिविल सेवा परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त कर सकता हूँ?

उत्तर: सिलेबस के अनुसार रणनीति बनाकर पढ़ने, प्रामाणिक स्रोतों (जैसे History Study Adda) का उपयोग करने और नियमित MCQs की प्रैक्टिस करने से सफलता निश्चित है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

'History Study Adda' पर प्रकाशित सभी अध्ययन सामग्री, नोट्स, बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) और अन्य सूचनाएं केवल छात्रों की परीक्षा की तैयारी और उनके त्वरित मार्गदर्शन के लिए प्रदान की गई हैं। इन्हें कानूनी दस्तावेज़ या अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि हमारी टीम ने सभी तथ्यों और उत्तरों को मानक पुस्तकों के आधार पर पूरी तरह से सटीक और प्रामाणिक रखने का हर संभव प्रयास किया है, लेकिन हम अनजाने में हुई किसी भी मानवीय त्रुटि, टाइपिंग की गलती या चूक के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

प्रश्नों के उत्तर और आयोग (Commissions) के संबंध में विशेष सूचना —
इतिहास जैसे विस्तृत विषय और प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में अक्सर यह देखा जाता है कि अलग-अलग भर्ती आयोग (Commissions) कभी-कभी एक ही प्रश्न के अलग-अलग उत्तरों को सही मान लेते हैं, या विवाद की स्थिति में एक से अधिक विकल्पों को सही ठहरा देते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि किसी प्रश्न का उत्तर एक आयोग के अनुसार कुछ और होता है, जबकि दूसरे आयोग के अनुसार कुछ और। आधिकारिक 'उत्तर कुंजी' (Official Answer Key) और हमारे द्वारा दिए गए उत्तरों में भिन्नता होने की स्थिति में 'History Study Adda' किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।

छात्रों को स्पष्ट रूप से सलाह दी जाती है कि किसी भी उत्तर या तथ्य की अंतिम पुष्टि के लिए वे संबंधित विभाग/आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, उनकी उत्तर कुंजी और मान्यता प्राप्त मानक पुस्तकों (Standard Books) का ही संदर्भ लें। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी संगठन या आयोग से संबद्ध नहीं है; यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र और निजी शैक्षिक मंच है।

GIC Lecturer History Syllabus in Hindi | GIC प्रवक्ता इतिहास पाठ्यक्रम

यूपीपीएससी जीआईसी प्रवक्ता इतिहास (UPPSC GIC Lecturer History) पाठ्यक्रम
Short Information: यह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित राजकीय इण्टर कॉलेज (GIC) प्रवक्ता पद के लिए 'इतिहास (History)' का विस्तृत और आधिकारिक पाठ्यक्रम है। आधिकारिक सूचनाओं के लिए आप UPPSC की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in/ पर विजिट कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण नोट (GIC परीक्षा पैटर्न): यूपीपीएससी जीआईसी प्रवक्ता (GIC Lecturer) परीक्षा दो चरणों में होती है— प्रारंभिक (Pre) और मुख्य (Mains)। प्रारंभिक परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective) होती है जिसमें 1/3 नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान होता है, जबकि मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक (Descriptive/लिखित) प्रकार की होती है। दोनों ही परीक्षाओं के लिए मुख्य विषय (इतिहास) का सिलेबस समान रहता है।
GIC Lecturer History In Hindi
विस्तृत पाठ्यक्रम का विश्लेषण (Detailed Syllabus Analysis)
खंड (Section) विस्तृत विषय वस्तु (Detailed Topics)
1. प्राचीन भारतीय इतिहास (इकाई 1-6)
  • भौगोलिक विशेषताएँ एवं स्रोत: प्राचीन इतिहास के साधन— पुरातत्व, साहित्य एवं विदेशी विवरण।
  • प्रागैतिहासिक एवं आद्य-इतिहास: प्राचीन मानव और उसके उपकरण— पाषाणिक, ताम्र-पाषाणिक, कांस्य एवं लौह। नदी घाटी सभ्यता।
  • हड़प्पा सभ्यता: नगर योजना, आवासीय भवन, स्वास्थ्य (नाली) व्यवस्था, विशाल स्नानागार, अन्न भण्डार, घरेलू सामग्री, साज-सज्जा व वेशभूषा, वाणिज्य-व्यापार, मुहरें, बन्दरगाह, आस्था एवं धर्म (पशु पूजा, वृक्ष पूजा, शक्ति एवं शिव), कांसे की नर्तकी, कला-कृतियाँ, शव-विसर्जन विधि, मुख्य स्थल व पतन के कारण।
  • वैदिक संस्कृति: जानने के साधन (संहितायें, ब्राह्मण-ग्रंथ, आरण्यक, उपनिषद्, धर्मशास्त्र, वेदांग)। प्रारम्भिक व उत्तर वैदिक संस्कृति— सामाजिक व्यवस्था, वर्ण/जाति व्यवस्था, राजा रत्निन, विवाह, पेशा, देव-देवियाँ, सभा, समिति, विश, यज्ञकर्म, पुरोहित, आर्थिक व्यवस्था (पणि, निष्क), कृषि एवं उद्योग।
  • धार्मिक आन्दोलन: जैन धर्म, बौद्ध धर्म, वैष्णव धर्म और शैव धर्म।
  • राजनीतिक इतिहास (600 ई०पू० से 1200 ई०): षोडश महाजनपद, गणराज्य, मगध का उत्कर्ष (नन्दवंश, मौर्यवंश, गुप्तवंश)। चन्द्रगुप्त मौर्य व अशोक, चन्द्रगुप्त प्रथम से स्कन्दगुप्त काल तक। मगध साम्राज्य के पतन का कारण। विदेशी आक्रमण— पारसीक, मकदुनिया के सिकन्दर, हिन्द-यवन, शक-पह्लव, कुषाण, हूण। 500 से 650 ई०: उत्तर-गुप्त मौखरी वंश, हर्षवर्द्धन।
  • उत्तर भारत व स्थानीय शक्तियां (राजपूत युग): शुंग-कण्व, आन्ध्र सातवाहन, मौखरी-पुष्यभूति, गुर्जर-प्रतिहार, चन्देल, परमार, पल्लव, राष्ट्रकूट, चोल और चालुक्य (बादामी, वैगी, कल्याणी, पहदकल)।
  • अर्थव्यवस्था, समाज एवं कला: कृषि, व्यापार-वाणिज्य, उद्योग धन्धे, श्रेणी व्यवस्था, नानादेशी, सिक्का प्रणाली। वर्ण-जाति, आश्रम, पुरुषार्थ, संस्कार, शिक्षा। कला: मन्दिर, स्तूप, मूर्तिकला, चित्रकला, हस्तकला, पात्रकला-काष्ठकला, लेखन कला (अभिलेख लिपि), स्तम्भ, चट्टान, भित्ति।
2. मध्यकालीन भारतीय इतिहास
  • दिल्ली सल्तनत: मुहम्मद गोरी का आक्रमण, दासवंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोदी वंश।
  • मुगल साम्राज्य: बाबर (निर्माता के रूप में), हुमायूँ तथा शेरशाह सूरी। अकबर से औरंगजेब तक साम्राज्य का विस्तार व पतन।
  • प्रान्तीय व स्थानीय राज्य: बहमनी और विजय नगर का प्रशासन। शिवाजी और मराठों का उत्कर्ष तथा पतन।
  • प्रशासन एवं नीतियाँ: दिल्ली सल्तनत व मुगलों की शासन व्यवस्था की मुख्य विशेषताएँ, प्रान्तीय शासन। शेरशाह व अकबर की भूमिकर व्यवस्था। मुगलों की धार्मिक नीति (बाबर, हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ, औरंगजेब) व दीने इलाही। मुगलों की दक्षिणी नीति (बाबर से औरंगजेब तक)।
  • संस्कृति, समाज व सैन्य व्यवस्था: मुगल कालीन शिक्षा (स्त्री शिक्षा), साहित्य, कला, चित्रकला, वास्तुकला, संगीत कला। अकबर की मनसबदारी व्यवस्था (जात, सवार) और मराठों की सैन्य व्यवस्था। सामाजिक व्यवस्था, आर्थिक व्यवस्था तथा उद्योग-धन्धे।
3. आधुनिक भारत एवं राष्ट्रीय आन्दोलन
  • यूरोपीय कम्पनियों का आगमन: 17वीं-18वीं शताब्दी में डच, पुर्तगाली, फ्रांसीसी तथा अंग्रेजी ईस्ट इण्डिया कम्पनी।
  • ब्रिटिश शक्ति का विस्तार: बंगाल में अंग्रेजी शक्ति का उदय (प्लासी व बक्सर का युद्ध, क्लाइव की दूसरी सूबेदारी, बंगाल में दोहरी प्रणाली)। मैसूर का उत्थान (हैदर अली, टीपू सुल्तान व चारों आंग्ल-मैसूर युद्ध)। लार्ड हेस्टिंग्स (भारत में सर्वश्रेष्ठता, आंग्ल-नेपाल युद्ध, पिण्डारी युद्ध, मराठा नीति)। रणजीत सिंह का जीवन, प्रशासन व सैन्य व्यवस्था।
  • प्रशासनिक व सामाजिक सुधार: वारेन हेस्टिंग्स (प्रशासनिक, भूमिकर, न्यायिक सुधार), कार्नवालिस (कर सुधार व स्थायी बन्दोबस्त), वेलेजली (सहायक संधि), विलियम बैंटिंग (सती प्रथा, सामाजिक/शैक्षणिक/वित्तीय सुधार, मैकाले शिक्षा नीति), डलहौजी (व्यपगत सिद्धान्त, अवध का विलय व सुधार), कर्जन (बंगाल विभाजन)।
  • भू-राजस्व व विद्रोह: स्थायी जमींदारी, महालवाड़ी, रैयतवाड़ी व्यवस्था। 1857 का विद्रोह व उसके कारण।
  • सांस्कृतिक जागरण: ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज, आर्य समाज, रामकृष्ण आन्दोलन, थियोसोफिकल आन्दोलन, मुस्लिम सुधार (वहाबी आन्दोलन, अलीगढ़ आन्दोलन)।
  • राष्ट्रीय आन्दोलन: उदारवादी दल की नीतियां, उग्रवाद का उदय, होमरूल आन्दोलन, क्रान्तिकारी आतंकवादी आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन, सविनय अवज्ञा आन्दोलन। स्वतंत्रता आन्दोलन में गांधी जी का मूल्यांकन।
  • प्रमुख नेता व साम्प्रदायिकता: राम मोहन राय, दादा भाई नौरोजी, गोखले, तिलक, लाला लाजपत राय, गांधी जी, जवाहर लाल नेहरू। मुस्लिम साम्प्रदायिकता का उदय (सर सैयद अहमद खाँ, मुस्लिम लीग, द्वि-राष्ट्र सिद्धान्त), हिन्दू महासभा, माउन्ट बैटन योजना और भारत विभाजन।
4. संवैधानिक विकास एवं स्वतंत्रता पश्चात भारत
  • संवैधानिक विकास: 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट, 1784 पिट्स का इण्डिया एक्ट, 1833 चार्टर एक्ट, 1909 का एक्ट, 1919 का एक्ट और 1935 का एक्ट।
  • स्वतंत्रता का प्रथम चरण: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947, रियासतों का एकीकरण और विलय, महात्मा गांधी की हत्या।
  • स्वतंत्रता पश्चात: पंचवर्षीय योजनायें, पड़ोसी देशों से सम्बन्ध (पाकिस्तान, चीन)। 1962 का चीनी आक्रमण एवं बंगला देश का निर्माण।

मूल सिलेबस (आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पाठ्यक्रम)

इतिहास - भौगोलिक विशेषताएँ: प्राचीन इतिहास के साधन पुरातत्व, साहित्य एवं विदेशी विवरण। 

इकाई-1 (क) पुरैतिहासिक- प्राचीन मानव और उसके उपकरण-पाषाणिक, ताम्र-पाषाणिक, कांस्य एवं लौह। 

(ख) प्राक्-इतिहास- नदी घाटी सभ्यता- हड़प्पा नगर की सभ्यता-नगर योजना, आवासीय भवन, स्वास्थ्य (नाली) व्यवस्था, विशाल स्नानागार, अन्न भण्डार, घरेलू सामग्री, साज-सज्जा और वेशभूषा, वाणिज्य- व्यापार, मुहरें, बन्दरगाह, आस्था एवं धर्म-पशु पूजा, वृक्ष पूजा, शक्ति एवं शिव कांसे की नर्तकी, कला और कला-कृतियाँ, शव-विसर्जन विधि, मुख्य स्थल, पतन के कारण। 

(ग) वैदिक संस्कृति जानने के साधन- वैदिक संहितायें, ब्राह्मण-ग्रंथ, आरण्यक और उपनिषद् एवं धर्मशास्त्र, वेदांग। प्रारम्भिक वैदिक संस्कृति- सामाजिक व्यवस्था का उदय, वर्ण व्यवस्था, राजा रत्निन, विवाह, पेशा, देव एवं देवियाँ। उत्तर वैदिक संस्कृति- जाति व्यवस्था का उदय, पेशा, राजा, सभा, समिति, विश, यज्ञकर्म, पुरोहित, आर्थिक व्यवस्था पणि, निष्क, कृषि एवं उद्योग।

इकाई-2: मुख्य धार्मिक आन्दोलन- जैन धर्म, बौद्ध धर्म, वैष्णव धर्म, शैव धर्म। 

इकाई-3: राजनीतिक इतिहास 600 ई०पू० से 1200 ई० तक षोडश महाजनपद, गणराज्य, मगध का उत्कर्ष एवं साम्राज्य की स्थापना, नन्दवंश, मौर्यवंश एवं गुप्त वंश। मौर्य वंश- चन्द्रगुप्त मौर्य एवं अशोक, गुप्त वंश चन्द्रगुप्त प्रथम से स्कन्दगुप्त काल तक, मगध-साम्राज्य के पतन का कारण, विदेशी आक्रमण, पारसीक, मकदुनिया के सिकन्दर, हिन्द-यवन, शक-पह्लव, कुषाण, हूण। उत्तरी भारत 500 ई० से 650 ई० तक उत्तर-गुप्त मौखरी वंश, हर्षवर्द्धन। प्रमुख स्थानीय शक्तियाँ (राजपूत युग 700 ई० से 1200 ई0, शुंग-कण्व, आन्ध्र सातवाहन, मौखरी- पुष्यभूति, गुर्जर-प्रतिहार, चन्देल, परमार, चालुक्य, बादामी के चालुक्य, वैगी के चालुक्य, पल्लव, राष्ट्रकूट, कल्याणी के चालुक्य, पहदकल के चालुक्य, चोल।

इकाई-4: प्राचीन भारत में आर्थिक इतिहास, कृषि, व्यापार-वाणिज्य, उद्योग धन्धे श्रेणी व्यवस्था, नानादेशी, सिक्का प्रणाली। 

इकाई-5: प्राचीन समाज- वर्ण-जाति, आश्रम, पुरुषार्थ, संस्कार, शिक्षा। 

इकाई-6: कला एवं वास्तुकला- मन्दिर, स्तूप, मूर्तिकला, चित्रकला, अन्य कलायें-हस्तकला, पात्रकला-काष्ठकला, लेखन कला (अभिलेख लिपि), स्तम्भ, चट्टान, भित्ति।

मध्यकालीन भारत: मुहम्मद गोरी का आक्रमण दासवंश- खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश, लोदी वंश, बाबर मुगल साम्राज्य निर्माता के रूप में, हुमायूँ तथा शेरशाह सूरी। मुगल साम्राज्य का विस्तार अकबर से औरंगजेब तक, मुगल साम्राज्य का पतन, मुगलों की शासन व्यवस्था और आर्थिक नीति, बहमनी और विजय नगर का प्रशासन, शिवाजी और मराठों का उत्कर्ष तथा पतन। शासन व्यवस्था- दिल्ली सल्तनत की शासन व्यवस्था, मुगलों की शासन व्यवस्था की मुख्य विशेषताएँ, मुगल कालीन संस्कृति, प्रान्तीय शासन, शेरशाह सूरी की शासन-व्यवस्था। भूमिकर व्यवस्था शेरशाह सूरी और अकबर की भूमिकर व्यवस्था। मुगलों की धार्मिक नीति, बाबर की धार्मिक नीति, हुमायूँ और अकबर की धार्मिक नीति, दीने इलाही, जहाँगीर, शाहजहाँ, औरंगजेब की धार्मिक नीति मुगलों की दक्षिणी नीति, बाबर से औरंगजेब तक। मुगल सभ्यता और संस्कृति, शिक्षा, स्त्री शिक्षा-साहित्य, कला, चित्रकला, वास्तुकला, संगीत कला। सैनिक व्यवस्था अकबर की मनसबदारी व्यवस्था जात, सवार और मराठों की सैन्य व्यवस्था। मुगल कालीन समाज सामाजिक व्यवस्था, आर्थिक व्यवस्था, उद्योग-धन्धे।

आधुनिक भारत: 17वीं, 18वीं शताब्दी में भारत में यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों का आगमन। डच, पुर्तगाली, फ्रांसीसी तथा अंग्रेजी ईस्ट इण्डिया कम्पनी। बंगाल में अंग्रेजी शक्ति का उदय- प्लासी का युद्ध, बक्सर का युद्ध तथा उसका महत्व। क्लाइव की दूसरी सूबेदारी (1765-67) बंगाल व्यवस्था- दोहरी प्रणाली के गुण और दोष। वारेन हेस्टिंग्स- (1772-85) प्रशासनिक सुधार, भूमिकर सुधार, न्यायिक सुधार। कार्नवालिस के प्रशासनिक सुधार (1786-93)- कर सम्बन्धी सुधार, बंगाल की स्थायी भू-कर व्यवस्था। लार्ड वेलेजली- (1798-1805)- सहायक संधि प्रणाली। मैसूर का उत्थान- हैदर अली तथा टीपू सुल्तान, प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध। लार्ड हेस्टिंग्स और भारत में सर्वश्रेष्ठता का स्थापित होना। आंग्ल-नेपाल युद्ध, पिण्डारी युद्ध, हेस्टिंग्स की मराठा नीति। विलियम बैंटिंग-(1828-35)- सती प्रथा को बन्द करना, सामाजिक सुधार, शैक्षणिक सुधार, वित्तीय सुधार, लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति। रणजीत सिंह का जीवन और उपलब्धियाँ:- प्रारम्भिक जीवन, प्रशासन, भू-कर तथा सैनिक प्रशासन। लार्ड डलहौजी- (1848-56)- व्यपगत का सिद्धान्त, अवध का विलय, लार्ड डलहौजी के सुधार।

विद्रोह एवं आन्दोलन: 1857 का विद्रोह- विद्रोह के कारण। भू-राजस्व व्यवस्था- स्थायी जमींदारी व्यवस्था, महालवाड़ी पद्धति, रैयतवाड़ी पद्धति। लार्ड कर्जन- (1899-1905)- बंगाल का विभाजन। सांस्कृतिक जागरण, सामाजिक और धार्मिक सुधार, ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज, आर्य समाज, राम कृष्ण आन्दोलन, थियोसोफिकल आन्दोलन, मुस्लिम सुधार आन्दोलन, वहाबी आन्दोलन, अलीगढ़ आन्दोलन। भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का उत्थान और विकास उदारवादी दल की नीतियों का मूल्यांकन, उग्रवाद के उदय के कारण, होमरूल आन्दोलन, क्रान्तिकारी आतंकवादी आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन, सविनय अवज्ञा आन्दोलन, स्वतंत्रता आन्दोलन में गांधी जी का मूल्यांकन। भारत के अग्रगण्य राष्ट्रीय नेता- राम मोहन राय उनके कार्य का मूल्यांकन और विचार, दादा भाई नौरोजी 1825-1917, गोपाल कृष्ण गोखले, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू। मुस्लिम साम्प्रदायिकता का उदय- सर सैयद अहमद खाँ, मुस्लिम लीग की स्थापना, दो राष्ट्र का सिद्धान्त, हिन्दू महासभा, माउन्ट बैटन योजना, भारत विभाजन।

संविधान एवं स्वातंत्र्योत्तर भारत: संविधान- 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट, 1784 का पिट्स का इण्डिया एक्ट, 1833 का चार्टर एक्ट, 1909 का एक्ट, 1919 का एक्ट, 1935 का एक्ट। स्वतंत्रता का प्रथम चरण- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947, रियासतों का एकीकरण और विलय, महात्मा गांधी की हत्या। पंचवर्षीय योजनायें- पड़ोसी देशों से सम्बन्ध। पाकिस्तान, चीन, चीनी आक्रमण 1962 एवं बंगला देश।

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अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: UPPSC GIC इतिहास की परीक्षा का पैटर्न क्या है?
उत्तर: जीआईसी प्रवक्ता (GIC Lecturer) परीक्षा दो चरणों में होती है। पहली प्रारंभिक परीक्षा (Pre) जो वस्तुनिष्ठ (Objective) होती है और दूसरी मुख्य परीक्षा (Mains) जो वर्णनात्मक (लिखित) प्रकार की होती है।
प्रश्न 2: क्या GIC प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) होती है?
उत्तर: हाँ, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की GIC प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तर देने पर 1/3 नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान होता है।
प्रश्न 3: क्या जीआईसी इतिहास के सिलेबस में स्वतंत्रता के बाद का इतिहास भी पढ़ना है?
उत्तर: जी हाँ, पाठ्यक्रम के अनुसार आपको 'स्वतंत्रता पश्चात भारत' के तहत रियासतों का एकीकरण, पंचवर्षीय योजनाएँ, पड़ोसी देशों से संबंध (1962 का भारत-चीन युद्ध) और बंगला देश के निर्माण तक का अध्ययन करना है।
प्रश्न 4: संविधान के विकास के अंतर्गत किन प्रमुख एक्ट (Acts) को शामिल किया गया है?
उत्तर: सिलेबस में 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट, 1784 का पिट्स इंडिया एक्ट, 1833 का चार्टर एक्ट, और 1909, 1919 तथा 1935 के भारत शासन अधिनियमों को मुख्य रूप से शामिल किया गया है।
प्रश्न 5: क्या इस सिलेबस में विश्व इतिहास (World History) से प्रश्न आते हैं?
उत्तर: नहीं, GIC इतिहास के इस पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता पश्चात का भारत ही शामिल है। इसमें विश्व इतिहास (World History) का भाग नहीं है।
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Disclaimer: 'History Study Adda' पर उपलब्ध सभी अध्ययन सामग्री और नोट्स केवल छात्रों के त्वरित मार्गदर्शन और परीक्षा की तैयारी के लिए हैं; इन्हें कानूनी दस्तावेज़ न मानें। इतिहास के प्रश्नों में अक्सर अलग-अलग भर्ती आयोगों (Commissions) द्वारा अलग-अलग उत्तरों को सही मान लिया जाता है। अतः, किसी भी मानवीय/टाइपिंग त्रुटि या आधिकारिक उत्तर कुंजी (Answer Key) से भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं होंगे। अंतिम पुष्टि के लिए हमेशा संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और मानक पुस्तकों का ही संदर्भ लें। यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र निजी शैक्षिक मंच है।

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