| यूपीपीएससी जीआईसी प्रवक्ता इतिहास (UPPSC GIC Lecturer History) पाठ्यक्रम |
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| Short Information: यह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित राजकीय इण्टर कॉलेज (GIC) प्रवक्ता पद के लिए 'इतिहास (History)' का विस्तृत और आधिकारिक पाठ्यक्रम है। आधिकारिक सूचनाओं के लिए आप UPPSC की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in/ पर विजिट कर सकते हैं। |
| विस्तृत पाठ्यक्रम का विश्लेषण (Detailed Syllabus Analysis) | |
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| खंड (Section) | विस्तृत विषय वस्तु (Detailed Topics) |
| 1. प्राचीन भारतीय इतिहास (इकाई 1-6) |
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| 2. मध्यकालीन भारतीय इतिहास |
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| 3. आधुनिक भारत एवं राष्ट्रीय आन्दोलन |
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| 4. संवैधानिक विकास एवं स्वतंत्रता पश्चात भारत |
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मूल सिलेबस (आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पाठ्यक्रम)
इतिहास - भौगोलिक विशेषताएँ: प्राचीन इतिहास के साधन पुरातत्व, साहित्य एवं विदेशी विवरण।
इकाई-1 (क) पुरैतिहासिक- प्राचीन मानव और उसके उपकरण-पाषाणिक, ताम्र-पाषाणिक, कांस्य एवं लौह।
(ख) प्राक्-इतिहास- नदी घाटी सभ्यता- हड़प्पा नगर की सभ्यता-नगर योजना, आवासीय भवन, स्वास्थ्य (नाली) व्यवस्था, विशाल स्नानागार, अन्न भण्डार, घरेलू सामग्री, साज-सज्जा और वेशभूषा, वाणिज्य- व्यापार, मुहरें, बन्दरगाह, आस्था एवं धर्म-पशु पूजा, वृक्ष पूजा, शक्ति एवं शिव कांसे की नर्तकी, कला और कला-कृतियाँ, शव-विसर्जन विधि, मुख्य स्थल, पतन के कारण।
(ग) वैदिक संस्कृति जानने के साधन- वैदिक संहितायें, ब्राह्मण-ग्रंथ, आरण्यक और उपनिषद् एवं धर्मशास्त्र, वेदांग। प्रारम्भिक वैदिक संस्कृति- सामाजिक व्यवस्था का उदय, वर्ण व्यवस्था, राजा रत्निन, विवाह, पेशा, देव एवं देवियाँ। उत्तर वैदिक संस्कृति- जाति व्यवस्था का उदय, पेशा, राजा, सभा, समिति, विश, यज्ञकर्म, पुरोहित, आर्थिक व्यवस्था पणि, निष्क, कृषि एवं उद्योग।
इकाई-2: मुख्य धार्मिक आन्दोलन- जैन धर्म, बौद्ध धर्म, वैष्णव धर्म, शैव धर्म।
इकाई-3: राजनीतिक इतिहास 600 ई०पू० से 1200 ई० तक षोडश महाजनपद, गणराज्य, मगध का उत्कर्ष एवं साम्राज्य की स्थापना, नन्दवंश, मौर्यवंश एवं गुप्त वंश। मौर्य वंश- चन्द्रगुप्त मौर्य एवं अशोक, गुप्त वंश चन्द्रगुप्त प्रथम से स्कन्दगुप्त काल तक, मगध-साम्राज्य के पतन का कारण, विदेशी आक्रमण, पारसीक, मकदुनिया के सिकन्दर, हिन्द-यवन, शक-पह्लव, कुषाण, हूण। उत्तरी भारत 500 ई० से 650 ई० तक उत्तर-गुप्त मौखरी वंश, हर्षवर्द्धन। प्रमुख स्थानीय शक्तियाँ (राजपूत युग 700 ई० से 1200 ई0, शुंग-कण्व, आन्ध्र सातवाहन, मौखरी- पुष्यभूति, गुर्जर-प्रतिहार, चन्देल, परमार, चालुक्य, बादामी के चालुक्य, वैगी के चालुक्य, पल्लव, राष्ट्रकूट, कल्याणी के चालुक्य, पहदकल के चालुक्य, चोल।
इकाई-4: प्राचीन भारत में आर्थिक इतिहास, कृषि, व्यापार-वाणिज्य, उद्योग धन्धे श्रेणी व्यवस्था, नानादेशी, सिक्का प्रणाली।
इकाई-5: प्राचीन समाज- वर्ण-जाति, आश्रम, पुरुषार्थ, संस्कार, शिक्षा।
इकाई-6: कला एवं वास्तुकला- मन्दिर, स्तूप, मूर्तिकला, चित्रकला, अन्य कलायें-हस्तकला, पात्रकला-काष्ठकला, लेखन कला (अभिलेख लिपि), स्तम्भ, चट्टान, भित्ति।
मध्यकालीन भारत: मुहम्मद गोरी का आक्रमण दासवंश- खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश, लोदी वंश, बाबर मुगल साम्राज्य निर्माता के रूप में, हुमायूँ तथा शेरशाह सूरी। मुगल साम्राज्य का विस्तार अकबर से औरंगजेब तक, मुगल साम्राज्य का पतन, मुगलों की शासन व्यवस्था और आर्थिक नीति, बहमनी और विजय नगर का प्रशासन, शिवाजी और मराठों का उत्कर्ष तथा पतन। शासन व्यवस्था- दिल्ली सल्तनत की शासन व्यवस्था, मुगलों की शासन व्यवस्था की मुख्य विशेषताएँ, मुगल कालीन संस्कृति, प्रान्तीय शासन, शेरशाह सूरी की शासन-व्यवस्था। भूमिकर व्यवस्था शेरशाह सूरी और अकबर की भूमिकर व्यवस्था। मुगलों की धार्मिक नीति, बाबर की धार्मिक नीति, हुमायूँ और अकबर की धार्मिक नीति, दीने इलाही, जहाँगीर, शाहजहाँ, औरंगजेब की धार्मिक नीति मुगलों की दक्षिणी नीति, बाबर से औरंगजेब तक। मुगल सभ्यता और संस्कृति, शिक्षा, स्त्री शिक्षा-साहित्य, कला, चित्रकला, वास्तुकला, संगीत कला। सैनिक व्यवस्था अकबर की मनसबदारी व्यवस्था जात, सवार और मराठों की सैन्य व्यवस्था। मुगल कालीन समाज सामाजिक व्यवस्था, आर्थिक व्यवस्था, उद्योग-धन्धे।
आधुनिक भारत: 17वीं, 18वीं शताब्दी में भारत में यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों का आगमन। डच, पुर्तगाली, फ्रांसीसी तथा अंग्रेजी ईस्ट इण्डिया कम्पनी। बंगाल में अंग्रेजी शक्ति का उदय- प्लासी का युद्ध, बक्सर का युद्ध तथा उसका महत्व। क्लाइव की दूसरी सूबेदारी (1765-67) बंगाल व्यवस्था- दोहरी प्रणाली के गुण और दोष। वारेन हेस्टिंग्स- (1772-85) प्रशासनिक सुधार, भूमिकर सुधार, न्यायिक सुधार। कार्नवालिस के प्रशासनिक सुधार (1786-93)- कर सम्बन्धी सुधार, बंगाल की स्थायी भू-कर व्यवस्था। लार्ड वेलेजली- (1798-1805)- सहायक संधि प्रणाली। मैसूर का उत्थान- हैदर अली तथा टीपू सुल्तान, प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ आंग्ल-मैसूर युद्ध। लार्ड हेस्टिंग्स और भारत में सर्वश्रेष्ठता का स्थापित होना। आंग्ल-नेपाल युद्ध, पिण्डारी युद्ध, हेस्टिंग्स की मराठा नीति। विलियम बैंटिंग-(1828-35)- सती प्रथा को बन्द करना, सामाजिक सुधार, शैक्षणिक सुधार, वित्तीय सुधार, लार्ड मैकाले की शिक्षा नीति। रणजीत सिंह का जीवन और उपलब्धियाँ:- प्रारम्भिक जीवन, प्रशासन, भू-कर तथा सैनिक प्रशासन। लार्ड डलहौजी- (1848-56)- व्यपगत का सिद्धान्त, अवध का विलय, लार्ड डलहौजी के सुधार।
विद्रोह एवं आन्दोलन: 1857 का विद्रोह- विद्रोह के कारण। भू-राजस्व व्यवस्था- स्थायी जमींदारी व्यवस्था, महालवाड़ी पद्धति, रैयतवाड़ी पद्धति। लार्ड कर्जन- (1899-1905)- बंगाल का विभाजन। सांस्कृतिक जागरण, सामाजिक और धार्मिक सुधार, ब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज, आर्य समाज, राम कृष्ण आन्दोलन, थियोसोफिकल आन्दोलन, मुस्लिम सुधार आन्दोलन, वहाबी आन्दोलन, अलीगढ़ आन्दोलन। भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का उत्थान और विकास उदारवादी दल की नीतियों का मूल्यांकन, उग्रवाद के उदय के कारण, होमरूल आन्दोलन, क्रान्तिकारी आतंकवादी आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन, सविनय अवज्ञा आन्दोलन, स्वतंत्रता आन्दोलन में गांधी जी का मूल्यांकन। भारत के अग्रगण्य राष्ट्रीय नेता- राम मोहन राय उनके कार्य का मूल्यांकन और विचार, दादा भाई नौरोजी 1825-1917, गोपाल कृष्ण गोखले, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू। मुस्लिम साम्प्रदायिकता का उदय- सर सैयद अहमद खाँ, मुस्लिम लीग की स्थापना, दो राष्ट्र का सिद्धान्त, हिन्दू महासभा, माउन्ट बैटन योजना, भारत विभाजन।
संविधान एवं स्वातंत्र्योत्तर भारत: संविधान- 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट, 1784 का पिट्स का इण्डिया एक्ट, 1833 का चार्टर एक्ट, 1909 का एक्ट, 1919 का एक्ट, 1935 का एक्ट। स्वतंत्रता का प्रथम चरण- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947, रियासतों का एकीकरण और विलय, महात्मा गांधी की हत्या। पंचवर्षीय योजनायें- पड़ोसी देशों से सम्बन्ध। पाकिस्तान, चीन, चीनी आक्रमण 1962 एवं बंगला देश।

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